{"_id":"5900d0fc4f1c1b9d65c0e16a","slug":"ssb-personel-figiting-from-cancer-not-enough-money-for-treatment","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"देश की रक्षा करने वाला जवान लड़ रहा जिंदगी की जंग, इलाज के लिए नहीं है पैसे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश की रक्षा करने वाला जवान लड़ रहा जिंदगी की जंग, इलाज के लिए नहीं है पैसे
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 28 Apr 2017 10:38 AM IST
विज्ञापन
जवान रमाशंकर, गृहमंत्री राजनाथ सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की खातिर सीमा पर तैनात जवान दिन रात एक कर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में लगे हैं। उनकी मुश्तैदी से हम सुरक्षित महसूस करते हैं लेकिन इस समय जौनपुर निवासी एसएसबी जवान रमाशंकर ब्लड कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहा है।
बीमारी भी ऐसी कि इलाज टाटा मेमोरियल कैंसर रिसर्च कैंसर या संजय गांधी संस्थान में संभव है। परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। मां लाडले के इलाज के लिए रुपयों का इंतजाम करने को लेकर परेशान है।
चिंता इस बात की है कि जवान के इलाज के लिए अभी तक प्रशासनिक अमले की ओर से कोई पहल नहीं की गई।
जौनपुर के मड़ियाहू तहसील के भौरस गांव के मोलई राम पाल के तीन बेटों में सबसे छोटे एसएसबी जवान रमाशंकर को ब्लड कैंसर की शिकायत है।
घरवालों ने बीएचयू सरसुंदर लाल अस्पताल में भर्ती कराया तो चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए टाटा कैंसर संस्थान समेत दो-तीन संस्थानों में जाने सलाह दी। रमाशंकर को डिस्चार्ज कर दिया।
विज्ञापन
एसएसबी में उसका चयन 2014 में हुआ था। पिछले साल नवंबर में शादी हुई थी। इसी बीच असम के बरपेटा में तैनात रमाशंकर की तबीयत बिगड़ने पर परिवार वालों ने बीएचयू में भर्ती कराया, जहां जांच में ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
बीमारी भी ऐसी कि इलाज टाटा मेमोरियल कैंसर रिसर्च कैंसर या संजय गांधी संस्थान में संभव है। परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। मां लाडले के इलाज के लिए रुपयों का इंतजाम करने को लेकर परेशान है।
विज्ञापन
चिंता इस बात की है कि जवान के इलाज के लिए अभी तक प्रशासनिक अमले की ओर से कोई पहल नहीं की गई।
जौनपुर के मड़ियाहू तहसील के भौरस गांव के मोलई राम पाल के तीन बेटों में सबसे छोटे एसएसबी जवान रमाशंकर को ब्लड कैंसर की शिकायत है।
घरवालों ने बीएचयू सरसुंदर लाल अस्पताल में भर्ती कराया तो चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए टाटा कैंसर संस्थान समेत दो-तीन संस्थानों में जाने सलाह दी। रमाशंकर को डिस्चार्ज कर दिया।
विज्ञापन
एसएसबी में उसका चयन 2014 में हुआ था। पिछले साल नवंबर में शादी हुई थी। इसी बीच असम के बरपेटा में तैनात रमाशंकर की तबीयत बिगड़ने पर परिवार वालों ने बीएचयू में भर्ती कराया, जहां जांच में ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई।
परिवारवालों ने लगाई गृहमंत्री तक फरियाद
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : amar ujala
ब्लड कैंसर की पुष्टि के बाद से परिवार वालों ने विभाग से लेकर गृहमंत्री तक फरियाद लगाई तो उतनी आर्थिक मदद हुई, जिससे इलाज कराना आसान नहीं।
ऐसे में परिवार वाले खेत और घर में रखे गहने बेचकर इलाज करा रहे हैं। अब भाजपा के जिला मंत्री राजेश श्रीवास्तव ने मामले से पार्टी के उच्चाधिकारियों, स्वास्थ्य और गृहमंत्री से बातचीत कर जवान की हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है।
ऐसे में परिवार वाले खेत और घर में रखे गहने बेचकर इलाज करा रहे हैं। अब भाजपा के जिला मंत्री राजेश श्रीवास्तव ने मामले से पार्टी के उच्चाधिकारियों, स्वास्थ्य और गृहमंत्री से बातचीत कर जवान की हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है।