श्रीलंका के पीएम ने किया गंगा पूजन, ट्विटर पर पीएम मोदी के लिए लिखा जनभावनाओं का ध्यान रखने वाला
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वाराणसी में श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने काशी यात्रा के दूसरे दिन मां गंगा की पूजा कर आरती उतारी। सोमवार सुबह वह अस्सी घाट स्थित सुबह-ए-बनारस के मंच पर पहुंचे। यहां पाणिनि कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। यहां से पीएम राजपक्षे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे और बोध गया रवाना हो गए।
सरकार की ओर से राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम कौशलराज शर्मा ने पुष्पगुच्छ देकर विदाई दी। अस्सी घाट पर प्रधानमंत्री की अगवानी प्रदेश के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी और रत्नेश वर्मा ने की। इसके बाद राजपक्षे ने षोडषोपचार विधि से मां गंगा की पूजा अर्चना की। उन्हें तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा गया।
कलश पूजन के बाद पीएम राजपक्षे ने गंगा तट पर भ्रमण किया। गंगा तट पर फोटो सेशन भी हुआ। दो दिवसीय दौरे पर आए श्रीलंका के पीएम ने पहले दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, कालभैरव मंदिर, सारनाथ में भगवान बुद्ध की तपोस्थली में दर्शन पूजन किया था।
उनके कार्यक्रम के चलते सोमवार सुबह ताज होटल से लेकर अस्सी घाट और फिर अस्सी घाट से बाबतपुर तक पूरा इलाका सील कर दिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर लगातार जांच अभियान भी चलाया गया।
श्रीलंका के पीएम ने ट्वीट किया कि वाराणसी छोड़ने से पहले मुझे पवित्र गंगा नदी के दर्शन करने का सम्मान मिला। नमामि गंगे के लिए मैं पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयास की सराहना करता हूं। न केवल नदी के अध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण, बल्कि इसलिए भी क्योंकि यह भारत की आबादी के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से को प्रभावित करती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब
श्रीलंका के प्रधानमंत्री के ट्वीट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाब दिया कि गंगा हमारी सभ्यता का केंद्र है। यह हमारी सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन रेखा है। हमें खुशी है कि आपने वाराणसी में समय बिताया और गंगा के किनारे गए। अनुभव अद्भुत रहा होगा।