विशेष ट्रेनों से गुजरात के जामनगर व मेहसाणा से गाजीपुर 2808 और सूरत से 1700 प्रवासी पहुंचे मऊ
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कोविड-19 (कोरोना वायरस) महामारी में देश के कोने-कोने में हजारों प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं। केंद्र सरकार की पहल पर उन्हें गैर राज्यों एवं शहरों से विशेष ट्रेनों से पहुंचाने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को गुजरात के मेहसाणा एवं जामनगर से अलग-अलग स्पेशल ट्रेनों द्वारा 2808 लोग गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचे। सूरत में फंसे 12 सौ से अधिक प्रवासियों को लेकर स्पेशल ट्रेन मंगलवार की देर शाम आठ बजे करीब चार घंटे देरी से मऊ जंक्शन पहुंची।
गाजीपुर आने वाले प्रवासियों में 140 स्थानीय सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के 2808 लोग शामिल थे। प्रवासियों के आने के मद्देनजर स्टेशन के आसपास सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। जिलाधिकारी ने बताया कि स्क्रीनिंग के बाद जिनमें लक्षण नहीं पाए गए ऐसे लोगों को खाद्यान्न प्रदान कर होम क्वारंटीन रहने का निर्देश दिया गया। जिन प्रवासियों में लक्षण नहीं पाए गए उनको सैनिटाइज करने के बाद रोडवेज की बस से उनके घर के लिए रवाना कर दिया गया।
स्टेशन पर उतरते ही कई यात्रियों की झलके आंसू
लॉकडाउन में गुजरात के सूरत में फंसे 12 सौ से अधिक प्रवासियों को लेकर स्पेशल ट्रेन मंगलवार की देर शाम आठ बजे करीब चार घंटे देरी से मऊ जंक्शन पहुंची। ट्रेन में जिले के 902 प्रवासी शामिल रहे। शेष आजमगढ़, गाजीपुर अन्य जिलों के थे। सूरत से लौटे श्रमिकों को गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने 55 रोडवेज बसों को लगाया था। वहीं स्टेशन पर श्रमिकों के लौटने पर प्रशासन ने सभी को गमछा पहनाकर स्वागत किया।
विशेष ट्रेन अपने निर्धारित समय शाम 4.20 से चार घंटे से विलंब से मंगलवार की शाम 8 बजे प्लेटफार्म एक पर पहुंची। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा संदिग्ध या बीमार श्रमिकों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 की छह एंबुलेंस तैनात करने के साथ मेडिकल टीम एक्टिव मोड पर रही। स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।