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सपा विधायक के बेटे पर भाजपा का दांव!
वाराणसी, ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 26 Dec 2015 02:03 AM IST
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पंचायत चुनाव की समाप्ति के बाद अब सबकी नजर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव पर है। सपा ने इंजीनियर अपराजिता सोनकर को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित कर चुनाव में बढ़त बनाने की भरसक कोशिश की है। हालांकि संख्या बल में कमजोर होने के बाद भी भाजपा ने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है।
यही कारण है कि पार्टी सपा का खेल बिगाड़ने और अपनी सीट बचाने के लिए सपा विधायक पूनम सोनकर के बेटे अमित सोनकर पर दांव लगा सकती है। पार्टी के अंदरखाने इन दिनों अमित सोनकर को जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है।
भाजपा के रणनीतिकारों की मानें तो अमित पर दांव लगाने की बड़ी वजह है। 48 जिला पंचायत सदस्यों में से 26 से अधिक समाजवादी पार्टी के समर्थित हैं। संख्या बल में भाजपा के मुकाबले सपा का पलड़ा बीस है। अमित काशी विद्यापीठ ब्लाक के सेक्टर नंबर तीन से जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं।
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उनकी मां पूनम सोनकर चकिया से विधायक हैं। उनके दिवंगत पिता सत्यप्रकाश सोनकर भी सपा से विधायक थे। पूरा कुनबा ही समाजवादियों का है।
हालांकि अमित फिलहाल समाजवादी पार्टी के किसी पद पर नहीं हैं। ऐसे में सपा की चुनावी गणित को फेल करने के लिए भाजपा अमित पर दांव लगाने की सोच रही है। अध्यक्ष की कुर्सी बचाए रखने और सपा के दांव को फेल करने के लिए भाजपा ने चक्रव्यूह तैयार किया है। सूत्रों की मानें तो शुरू में तो अमित को ही सपा का टिकट मिलने की चर्चा थी लेकिन ऐनवक्त पर अपराजिता का नाम सामने आ गया।
अमित पर दांव लगाने की पैरवी कर रहे भाजपा नेताओं का तर्क है कि अमित को भाजपा के साथ ही सपा समर्थित सदस्यों का भी वोट मिल सकता है। उनपर दांव लगाने से जीत की संभावना ज्यादा रहेगी। पार्टी के कुछेक नेता तो उन्हेें भाजपा में शामिल करने की भी बात कह रहे हैं।
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यही कारण है कि पार्टी सपा का खेल बिगाड़ने और अपनी सीट बचाने के लिए सपा विधायक पूनम सोनकर के बेटे अमित सोनकर पर दांव लगा सकती है। पार्टी के अंदरखाने इन दिनों अमित सोनकर को जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है।
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भाजपा के रणनीतिकारों की मानें तो अमित पर दांव लगाने की बड़ी वजह है। 48 जिला पंचायत सदस्यों में से 26 से अधिक समाजवादी पार्टी के समर्थित हैं। संख्या बल में भाजपा के मुकाबले सपा का पलड़ा बीस है। अमित काशी विद्यापीठ ब्लाक के सेक्टर नंबर तीन से जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं।
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उनकी मां पूनम सोनकर चकिया से विधायक हैं। उनके दिवंगत पिता सत्यप्रकाश सोनकर भी सपा से विधायक थे। पूरा कुनबा ही समाजवादियों का है।
हालांकि अमित फिलहाल समाजवादी पार्टी के किसी पद पर नहीं हैं। ऐसे में सपा की चुनावी गणित को फेल करने के लिए भाजपा अमित पर दांव लगाने की सोच रही है। अध्यक्ष की कुर्सी बचाए रखने और सपा के दांव को फेल करने के लिए भाजपा ने चक्रव्यूह तैयार किया है। सूत्रों की मानें तो शुरू में तो अमित को ही सपा का टिकट मिलने की चर्चा थी लेकिन ऐनवक्त पर अपराजिता का नाम सामने आ गया।
अमित पर दांव लगाने की पैरवी कर रहे भाजपा नेताओं का तर्क है कि अमित को भाजपा के साथ ही सपा समर्थित सदस्यों का भी वोट मिल सकता है। उनपर दांव लगाने से जीत की संभावना ज्यादा रहेगी। पार्टी के कुछेक नेता तो उन्हेें भाजपा में शामिल करने की भी बात कह रहे हैं।