फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Sowa Rigpa Hospital to begin herbal cancer treatment in varanasi

Varanasi: सोवा रिग्पा अस्पताल में शुरू होगा जड़ी- बूटियों से कैंसर का इलाज, मंत्री ने किया निरीक्षण

Thu, 09 Oct 2025 03:32 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 09 Oct 2025 03:32 PM IST
सार

सारनाथ के पुरातात्विक अवशेषों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी एक प्रक्रिया होती है। एक वर्ष में एक ही धरोहर को शामिल किया जाता है। 
 

विज्ञापन
Sowa Rigpa Hospital to begin herbal cancer treatment in varanasi
जानकारी लेते मंत्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को नवनिर्मित सोवा रिग्पा अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि तिब्बत की इस चिकित्सा पद्धति से पुराने और असाध्य रोगों का इलाज किया जाएगा। यह चिकित्सा पद्धति प्राचीन जड़ी बूटी पर आधारित है। 

विज्ञापन


इससे कैंसर सहित अन्य रोगों का भी इलाज संभव है। जल्द ही इस अस्पताल को शुरू किया जाएगा। इस दौरान कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा ने अस्पताल से जुड़ी जानकारी दी। अस्पताल में कुछ खामियां देखकर केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी जताई।
विज्ञापन


सारनाथ के पुरातात्विक अवशेषों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी एक प्रक्रिया होती है। एक वर्ष में एक ही धरोहर को शामिल किया जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर बनने बाद भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। इस मौके पर कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी, उपकुलसचिव हिमांशु पांडे, सहायक कुलसचिव प्रमोद सिंह सिंह मौजूद रहे।

कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए उच्च शिक्षा मंत्री का जताया आभार

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए उच्च शिक्षा मंत्री का आभार जताया। पूर्व प्रदेश संयुक्त महामंत्री डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित के नेतृत्व में सर्किट हाउस में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी से मिलकर प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने की अपील की। साथ ही एक मांग पत्र सौंपा जिसमें उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को सरस्वती सम्मान और शिक्षक श्री सम्मान को तत्काल शुरू करने, राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत संविदा और मानदेय शिक्षकों की पूर्व सेवा को जोड़कर प्रोन्नति में लाभ देने, सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत कार्य शिक्षकों को विनियमित करने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की दर और यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता बढ़ाए जाने, उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष की नियुक्ति करने, नेट की तर्ज पर राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्लेट) कराने, राज्य के समस्त विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि प्रवक्ताओं को यूजीसी द्वारा निर्धारित मानदेय प्रदान करने की मांग की। 

वार्ता के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के लिए अपनी सहमति देते हुए मांग पत्र के अन्य बिंदुओं को पूरा करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया। इस दौरान स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र कुमार पांडेय, प्रो. नलिन कुमार मिश्र, प्रो. बी के निर्मल, डॉ. जगत नारायण सिंह, डॉ. मनोज कुमार सिंह शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed