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इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी में सोनभद्र-भदोही, एनकाउंटर में आजमगढ़ अव्वल
पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 04 May 2018 11:01 AM IST
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वाराणसी में पुलिस एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
इनामी बदमाशों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी के निर्देश के बावजूद वाराणसी जोन के दस जिलों में कुछ को छोड़ बाकी जगह हालात बेहतर नहीं हैं। एनकाउंटर और गिरफ्तारी की खुली छूट के बावजूद जोन के दस जिलों में 136 इनामी बदमाश पुलिस के लिए चुनौती बने हैं।
सोनभद्र, भदोही और आजमगढ़ को छोड़ दिया जाए तो वाराणसी समेत बाकी जिलों में इनामी बदमाशों पर पुलिस शिकंजा नहीं कस पाई है। बीते 30 अप्रैल तक की कार्रवाई के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं।
वाराणसी जोन के दस जिलों के 30 अप्रैल तक के आंकड़े देखें तो इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी में सोनभद्र और भदोही जिले की पुलिस अव्वल है जबकि एनकाउंटर में आजमगढ़। सोनभद्र जिले में 12 इनामी बदमाशों में से आठ, भदोही में आठ में पांच और मऊ में पांच में तीन गिरफ्तार किए गए।
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आजमगढ़ जिले में 37 बदमाशों पर इनाम घोषित था। इनमें से तीन मुठभेड़ में मारे गए और 15 गिरफ्तार हुए। सबसे खराब हालत रही मिर्जापुर, बलिया और गाजीपुर की। बलिया में 23 इनामी बदमाशों में से तीन की ही गिरफ्तारी की जा सकी।
गाजीपुर में 16 इनामी बदमाशों में तीन ही गिरफ्तार हुए। मिर्जापुर जिले में तो 11 इनामी बदमाशों से एक को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। वहीं, चंदौली में 12 इनामी बदमाश में एक का एनकाउंटर हुआ और चार गिरफ्तार हुए जबकि, जौनपुर में 34 पुरस्कार घोषित बदमाशों में 17 को दबोचा गया। जबकि, वाराणसी 10 की गिरफ्तारी के बावजूद अभी 37 इनामी बदमाश पुलिस के लिए चुनौती बने हैं।
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सोनभद्र, भदोही और आजमगढ़ को छोड़ दिया जाए तो वाराणसी समेत बाकी जिलों में इनामी बदमाशों पर पुलिस शिकंजा नहीं कस पाई है। बीते 30 अप्रैल तक की कार्रवाई के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं।
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वाराणसी जोन के दस जिलों के 30 अप्रैल तक के आंकड़े देखें तो इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी में सोनभद्र और भदोही जिले की पुलिस अव्वल है जबकि एनकाउंटर में आजमगढ़। सोनभद्र जिले में 12 इनामी बदमाशों में से आठ, भदोही में आठ में पांच और मऊ में पांच में तीन गिरफ्तार किए गए।
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आजमगढ़ जिले में 37 बदमाशों पर इनाम घोषित था। इनमें से तीन मुठभेड़ में मारे गए और 15 गिरफ्तार हुए। सबसे खराब हालत रही मिर्जापुर, बलिया और गाजीपुर की। बलिया में 23 इनामी बदमाशों में से तीन की ही गिरफ्तारी की जा सकी।
गाजीपुर में 16 इनामी बदमाशों में तीन ही गिरफ्तार हुए। मिर्जापुर जिले में तो 11 इनामी बदमाशों से एक को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। वहीं, चंदौली में 12 इनामी बदमाश में एक का एनकाउंटर हुआ और चार गिरफ्तार हुए जबकि, जौनपुर में 34 पुरस्कार घोषित बदमाशों में 17 को दबोचा गया। जबकि, वाराणसी 10 की गिरफ्तारी के बावजूद अभी 37 इनामी बदमाश पुलिस के लिए चुनौती बने हैं।
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बनारस पुलिस के लिए सिरदर्द बने ये बदमाश
दो लाख के इनामी अताउर रहमान उर्फ बाबू उर्फ सिकंदर और सहाबुद्दीन की तलाश पुलिस और सीबीआई को वर्ष 1997 से है। एक लाख का इनामी इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी, 50 हजार का इनामी विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली, मनीष कुमार सिंह, अजीम अहमद, सुनील यादव, सलीम उर्फ मुख्तार शेख, दीपक वर्मा पुलिस के लिए वर्षों से चुनौती बने हैं। इनामी रईस बनारसी को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।