फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Son played father requested tune song on Santoor in varanasi assi ghat

Varanasi News: बेटे ने संतूर पर बजाई पिता की फरमाइशी धुन, राहुल शर्मा और उदय भावलकर की प्रस्तुति ने किया विभोर

Sun, 17 Mar 2024 03:57 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 17 Mar 2024 03:57 PM IST
सार

Varanasi News: बैनियान ट्री संस्था की ओर से आयोजित संगीत संध्या की शुरुआत हल्की गुलाबी ठंड के बीच बनारस घराने के सधे कलाकार अंशुमान महाराज के सरोद वादन से हुई। उन्होंने राग गोरखा कल्याण में आलापचारी के बाद जोड़, झाला बजाया। रूपक व मध्यलय में तीनताल बंदिशों की धुन बजाई। तबले पर विभाष महाराज ने संगत की। अगली प्रस्तुति में प्रियांशु घोष ने स्वर साधे।

विज्ञापन
Son played father requested tune song on Santoor in varanasi assi ghat
अस्सी घाट पर प्रस्तुति देते उदय भावलकर और राहुल शर्मा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगातट पर आयोजित संगीतोत्सव ‘स्वरा’ के समापन पर कलाकारों ने सुर-साज से सुधिजनों संग मां गंगा को मगन किया। पं. शिव कुमार शर्मा के पुत्र पं. राहुल शर्मा की संतूर की तान के मुरीद हुए तो पं. उदय भावलकर व पं. प्रियांशु घोष के स्वरों की ताजगी ने आनंद की अनुभूति कराया।

विज्ञापन


विज्ञापन


बैनियान ट्री संस्था की ओर से आयोजित संगीत संध्या की शुरुआत हल्की गुलाबी ठंड के बीच बनारस घराने के सधे कलाकार अंशुमान महाराज के सरोद वादन से हुई। उन्होंने राग गोरखा कल्याण में आलापचारी के बाद जोड़, झाला बजाया। रूपक व मध्यलय में तीनताल बंदिशों की धुन बजाई। तबले पर विभाष महाराज ने संगत की। अगली प्रस्तुति में प्रियांशु घोष ने स्वर साधे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने दादरा की भी बंदिश पेश की। राग मारवा में बिलंबित एकताल में पिया मोरे अनत देस..., मध्यलय एकताल में सांझ भई ना... तथा द्रुत त्रिताल में साधे हो सुख को ध्यान...सुनाकर सुधिजनों को मदमस्त कर दिया। तबले पर सिद्धार्थ चक्रवर्ती, हारमोनियम पर हर्षित उपाध्याय तथा तानपुरा पर डालिया मुखर्जी ने संगत की।


तीसरी प्रस्तुति पं. उदय भावलकर की ध्रुपद गायन की रही। उन्होंने गायन की इस प्राचीन शैली से श्रोताओं को परिचित कराया तो उन्होंने देवाधिदेव भगवान शिव की आराधना की। राग पुरिया में पार्वती नमरू शिवाय..., शिव शिव शिव महाबली शिव... बाबा की महिमागान किया। अंत में पं. राहुल वर्मा ने पिता से मिली विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने संतूर की बेजोड़ प्रस्तुति की। राग गावती में रूपकताल, मध्यलय व द्रुतलय तीनताल में संतूर को विस्तार देते हुए सभी को झुमाया।

श्रोताओं की उनके पिता की चर्चित धुन पहाड़ी बचाने की फरमाइश की। उन्होंने राग मिश्र के दादरा ताल में निबद्ध पहाड़ी धुन बजाकर मुग्धकर दिया। पं. रामकुमार मिश्र ने तबले पर संगत की। इस दौरान संस्था के प्रबंध निदेशक महेश बाबू ने पं. ऋत्विक सांन्याल एवं सुबह-ए-बनारस के संस्थापक रत्नेश वर्मा को सम्मानित किया। संचालन अंकिता खत्री ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed