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संवरेंगे गंगा घाट, दशाश्वमेध का सर्वे
वाराणसी, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Dec 2014 02:23 AM IST
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मथुरा की कंपनी पिरामल ग्रुप के चेयरमैन विनय नारायण पीएमओ के निर्देश
पर घाटों के सर्वे के लिए यहां आए थे। वो आर्किटेक्ट की टीम के साथ सुबह नौ
बजे घाट पहुंचे। वहां उन्होंने प्राचीन घाट के पत्थरों की नक्काशी,
सीढ़ियों को एक-दूसरे जोड़ने की शैली के अलावा तटों पर स्नान घर के रूप में
बनी मढ़ियों और छोटे-छोटे मंदिरों को भी देखा।
दोपहर करीब 12:30 बजे मुख्य विकास अधिकारी विशाख जी, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र मिश्र के अलावा नगर निगम के अभियंताओं के साथ घाट के स्वरूप और उसके कायाकल्प की योजना पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे बाबू महाराज, शांति लाल जैन के अलावा अन्य तीर्थपुरोहितों के साथ भी घाट को संवारने की रणनीति पर चर्चा की।
कहा कि जल्द ही दशाश्वमेध घाट के कायाकल्प के लिए डिजाइन तैयार की जाएगी। इसके बाद दूसरे घाटों को भी संवारा जाएगा। बता दें कि शपथ ग्रहण से पहले पीएम मोदी ने दशाश्वमेध घाट पर ही गंगा की आरती की थी। यहीं से उन्होंने काशी के घाटों को संवारने और स्वच्छता के लिए देश भर में सफाई अभियान चलाने का ऐलान किया था।
दोपहर करीब 12:30 बजे मुख्य विकास अधिकारी विशाख जी, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र मिश्र के अलावा नगर निगम के अभियंताओं के साथ घाट के स्वरूप और उसके कायाकल्प की योजना पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे बाबू महाराज, शांति लाल जैन के अलावा अन्य तीर्थपुरोहितों के साथ भी घाट को संवारने की रणनीति पर चर्चा की।
कहा कि जल्द ही दशाश्वमेध घाट के कायाकल्प के लिए डिजाइन तैयार की जाएगी। इसके बाद दूसरे घाटों को भी संवारा जाएगा। बता दें कि शपथ ग्रहण से पहले पीएम मोदी ने दशाश्वमेध घाट पर ही गंगा की आरती की थी। यहीं से उन्होंने काशी के घाटों को संवारने और स्वच्छता के लिए देश भर में सफाई अभियान चलाने का ऐलान किया था।