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Varanasi News: लाल फूलों, लाल चुनरी और आभूषणों से स्कंदमाता का शृंगार, 17 घंटे हुए दर्शन
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वाराणसी। शारदीय नवरात्र की पंचमी पर जैतपुरा स्थित स्कंदमाता मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ रही। बागेश्वरी देवी मंदिर परिसर स्थित मां के विग्रह के दर्शन के लिए सुबह से रात तक भक्त पहुंचते रहे। मां ने भक्तों को 17 घंटे तक दर्शन दिए। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे दर्शन के लिए पहुंचे।
ब्रह्म मुहूर्त में मां स्कंदमाता की मंगला आरती के बाद मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही मंदिर परिसर मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा। मां का लाल फूलों, लाल चुनरी और आभूषणों से शृंगार कर आरती की गई। भक्तों की सुविधा के लिए मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग भी की गई थी। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें लगी थीं। मंदिर से लेकर मुख्य मार्ग तक माला-फूल और प्रसाद की अस्थायी दुकानें सजी थीं। रात 11 बजे के बाद शयन आरती तक भक्तों की भीड़ रही।
शास्त्रों के अनुसार, देवी के इस स्वरूप की पूजा से भक्तों की सभी सद्कामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं, नगर के प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दुर्गाकुंड दुर्गा मंदिर, विशालाक्षी मंदिर, चौसट्ठी मंदिर, संकठा मंदिर, शैलपुत्री मंदिर, महिषासुर मर्दिनी मंदिर और नवदुर्गा मंदिर आदि में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालु पहुंचे।
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ब्रह्म मुहूर्त में मां स्कंदमाता की मंगला आरती के बाद मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही मंदिर परिसर मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा। मां का लाल फूलों, लाल चुनरी और आभूषणों से शृंगार कर आरती की गई। भक्तों की सुविधा के लिए मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग भी की गई थी। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें लगी थीं। मंदिर से लेकर मुख्य मार्ग तक माला-फूल और प्रसाद की अस्थायी दुकानें सजी थीं। रात 11 बजे के बाद शयन आरती तक भक्तों की भीड़ रही।
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शास्त्रों के अनुसार, देवी के इस स्वरूप की पूजा से भक्तों की सभी सद्कामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं, नगर के प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दुर्गाकुंड दुर्गा मंदिर, विशालाक्षी मंदिर, चौसट्ठी मंदिर, संकठा मंदिर, शैलपुत्री मंदिर, महिषासुर मर्दिनी मंदिर और नवदुर्गा मंदिर आदि में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालु पहुंचे।
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