पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष करने वाले सियाड़ी गांव के सत्यम प्रकाश राय इलाज के दौरान दिल्ली में शनिवार को जिंदगी की जंग हार गए। गांव के होनहार बेटे की मौत की सूचना से ग्रामीणों में मायूसी दिखी। गांव में सियापा छाया था। सत्यम करीब सात वर्ष पहले छात्रसंघ चुनाव जीतने के बाद राजनीति में सक्रिय हुए थे। पांच वर्ष पूर्व वे भांवरकोल द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़े थे।
भांवरकोल थाना क्षेत्र के सियाड़ी गांव निवासी इंद्रबली राय के दो पुत्रों में बड़े शिवप्रकाश राय और छोटे सत्यम प्रकाश राय थे। पिता के सेवानिवृत्त होने के बाद पूरा परिवार वाराणसी में ही रहता है। वर्ष 2014 में यूपी कालेज छात्र संघ के उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद से वे राजनीति में सक्रिय हो गए थे। 2015 में भांवरकोल द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने बताया कि वह पीड़ितों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता था। मालूम हो कि बीते 16 अगस्त को दुष्कर्म पीड़िता के साथ दिल्ली में उन्होंने न्याय न मिलने और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली से व्यथित होकर आत्मदाह किया था। उपचार दिल्ली में ही चल रहा था। इधर, भांवरकोल थानाध्यक्ष हरिनारायण शुक्ला भी शनिवार को सियाड़ी गांव पहुंचे और घर पर किसी के न रहने पर ग्रामीणों से बातचीत कर लौट गए।