अजीत हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा: आजमगढ़, मुंबई और हरियाणा से लखनऊ गए थे छह शूटर
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सूबे की राजधानी लखनऊ में छह जनवरी को मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व उप ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह की हत्या के लिए छह शूटर आए थे। इनमें गिरफ्तार गिरधारी के अलावा तीन आजमगढ़, एक हरियाणा से और एक मुंबई से आया था। वारदात में शामिल शूटरों का ब्यौरा पुलिस ने जुटा लिया है और उम्मीद है कि जल्द ही सभी गिरफ्त में होंगे।
बीती छह जनवरी को लखनऊ में विभूतिखंड कठौता चौराहा पर अजीत सिंह पर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। तफ्तीश कर रही पुलिस टीमें लखनऊ से लेकर मऊ, आजमगढ़, सुल्तानपुर, वाराणसी, दिल्ली और मुंबई में वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की तलाश कर रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वारदात को पूर्वांचल के एक पूर्व बाहुबली सांसद के शागिर्द गिरधारी सहित तीन बदमाशों ने अंजाम दिया, जबकि तीन शूटर उनके बैकअप के तौर पर थे। यह सभी वारदात के लगभग एक हफ्ते पहले ही लखनऊ आ गए थे और अजीत की रोजाना की गतिविधियों की रेकी कर रहे थे। विभूतिखंड कठौता चौराहा पर उपयुक्त अवसर देख कर अजीत पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। गिरधारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का सारा जोर इस पर है कि अन्य पांचों शूटर भी हत्थे चढ़ जाएं।
गिरधारी को शरण देने वाले 26 को चिह्नित कर खंगाली जा रही कुंडली
पुलिस टीमों ने मऊ, आजमगढ़, जौनपुर और लखनऊ में गिरधारी को शरण देने वाले 26 लोगों को चिह्नित किया है। इन सभी के काम और आय के स्रोत की जानकारी जुटाने के साथ ही पुलिस इनकी आपराधिक पृष्ठभूमि खंगाल रही है।
पता लगाया जा रहा है कि लखनऊ में अजीत की हत्या से पहले गिरधारी किस-किसके संपर्क में था और किससे उसकी बातचीत हुई थी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरधारी के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद गिरधारी और उसके करीबियों व शरणदाताओं की संपत्ति गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त की जाएगी।