Single Use Plastic Ban: वाराणसी में करीब 350 फैक्ट्रियों पर लग सकता है ताला, उद्यमियों और कारोबारियों की धड़कनें तेज
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर कल से पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा। वाराणसी जिले में छोटी-बड़ी कुल लगभग साढ़े तीन सौ इकाईयां हैं, यहां प्लास्टिक के विभिन्न उत्पादों का उत्पादन होता है।
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पर्यावरण को संरक्षण की दिशा में एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक का उत्पादन करने वाली इकाइयां बंद हो रही हैं। उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध होगा। इसे लेकर उद्यमियों और कारोबारियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। उद्यमियों के अनुसार कम उपयोगिता और ज्यादा कूड़ा पैदा करने वाली लगभग 19 वस्तुओं के निर्माण, भंडारण, आयात, वितरण और बिक्री, उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा।
उद्यमियों के अनुसार चांदपुर औद्योगिक आस्थान और रामनगर औद्योगिक क्षेत्र फेज-वन और टू सहित जिले में छोटी-बड़ी कुल लगभग साढ़े तीन सौ इकाईयां हैं, यहां प्लास्टिक के विभिन्न उत्पादों का उत्पादन होता है। पूर्वांचल सहित बिहार और एमपी, छत्तीसगढ़ तक माल की सप्लाई होती है।
रामनगर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस मिश्रा के अनुसार पर्यावरण की दिशा में सिंगल यूज प्लास्टिक का खात्मा एक तरह से पहल अच्छी है, लेकिन उद्यमियों और कारोबारियों की परेशानियां भी बढ़ जाएंगी। जिन 19 प्रकार के प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने की बात की जा रही है, उसमें अपने यहां के कई उद्यमी हैं, जो माल का उत्पादन करते हैं।
उद्यमी और प्लास्टिक कारोबारी दोनों सशंकित
बहरहाल, सरकार को उन इकाइयों के बारे में भी सोचना चाहिए। हालांकि पर्यावरण से बढ़कर व्यापार और उद्योग नहीं है। हम और आप तभी सुरक्षित हैं, जब तक स्वच्छ पर्यावरण है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव राजेश भाटिया के अनुसार सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर अभी कोई गाइडलाइन अधिकारिक तौर पर उद्यमियों को नहीं मिली है। हालांकि जिस तरह की बात हो रही है कि उससे उद्यमी और प्लास्टिक कारोबारी दोनों सशंकित है।