'बिना ऑपरेशन सामान्य प्रसव करा दूंगा': डाॅक्टर के आश्वासन के बाद भी जच्चा-बच्चा की मौत, हंगामा; पहुंची पलिस
Mau News: मऊ के बड़राव क्षेत्र में फर्जी अस्पतालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई न होने का खामियाजा एक प्रसूता और उसके नवजात को जान गंवाकर भुगतना पड़ा। स्टिंग ऑपरेशन के बाद भी 48 घंटे तक अभियान नहीं चलाया गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और पांच घंटे के भीतर पांच अस्पताल सीज कर दिए। बताया गया कि पीएचसी से महज 800 मीटर दूर फर्जी अस्पताल संचालित हो रहा था।
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Mau News: मऊ जिले में बिना पंजीयन के संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर नोडल के साथ नौ टीम बनी है। लेकिन यह टीम तभी कार्रवाई करती है जब किसी अस्पताल में मौत होने के बाद वह मामला सामने आ जाता है।
स्टिंग ऑपरेशन में ऐसे कई अस्पतालों का खुलासा होने के बाद कोपागंज में कार्रवाई हुई लेकिन बड़राव सीएचसी के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई के मामले में जिम्मेदार 48 घंटे तक चुप्पी साधे रखे हैं। नतीजा पीएचसी से महज एक किमी दूर बिना पंजीयन के संचालित अस्पताल में एक गर्भवती महिला का सीजेरियन डिलीवरी में लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई।
इससे नाराज परिजनों ने न केवल हंगामा काटा बल्कि सड़क भी जाम कर दिया। उधर, टूटी नींद के बाद इस अस्पताल के साथ गर्भपात कराने वाले दो अस्पतालों सहित पांच अस्पताल को सीज करने की कार्रवाई इन्हीं जिम्मेदारों ने की।
बताते चलें कि हमीदपुर सड़क पर रिहायशी मकान में संचालित फातमा क्लीनिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नदवासराय से महज 800 मीटर की दूरी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़राव से 8 किलोमीटर की दूरी पर संचालित था।
गंगुआबारी निवासी राजन चौहान ने बताया कि अपनी गर्भवती पत्नी अर्चना चौहान को जांच के लिए वह इस अस्पताल पर बुधवार की देर रात पहुंचा था। जहां मौजूद चिकित्सक ने जांच के बाद सुरक्षित प्रसव कराने का दावा करते हुए उसे भर्ती करा लिया। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने महिला के परिवार को भरोसा दिलाया था कि वह बिना ऑपरेशन के सामान्य प्रसव करा देगा।
बृहस्पतिवार की सुबह दस बजे के करीब प्रसव के दौरान बच्चे का जन्म तो हुआ, लेकिन नवजात मृत अवस्था में था। उसके बाद महिला की भी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई, जहां महिला की मौत हो गई। उधर घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल संचालक अपने क्लीनिक का बैनर-पोस्टर हटाकर अस्पताल बंद कर फरार हो गया।
इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने महिला व नवजात के शव को नदवासराय बाजार के मुख्य सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। सड़क जाम होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
सूचना मिलने पर एसडीएम घोसी अशोक सिंह, सीओ घोसी जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंचकर इस मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके करीब एक घंटे बाद परिजनों ने जाम हटाया। उधर इस घटनाक्रम के बाद सीएचसी बड़राव प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने संबंधित अस्पताल को सीज करने की कार्रवाई की।