वाराणसी: सिद्धार्थनाथ सिंह का विपक्ष पर हमला, बोले- जाति के नाम पर बांटने वालों ने सिर्फ अपनी झोली भरी
एमएसएमई मंत्री डॉ. सिद्धार्थनाथ सिंह ने गुरुवार को ट्रेड फैसिलिटी सेंटर (टीएफसी) में तीन दिवसीय प्रदर्शनी व सम्मेलन का उद्घाटन किया।
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एमएसएमई मंत्री डॉ. सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि जाति के नाम पर वोट मांगने वालों ने सिर्फ अपने परिवार की झोली भरी। समाज के हित में कुछ नहीं किया। इसलिए उनसे दूर ही रहें। अपनी ताकत को पहचानिए और उसे सकारात्मक दिशा में लेकर जाइए। गुरुवार को बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटी सेंटर (टीएफसी) में तीन दिवसीय प्रदर्शनी व सम्मेलन उद्घाटन के दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर उनका नाम लिए बगैर हमला बोला।
दलित इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (डिक्की) की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में एमएसएमई मंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लिए केंद्र और राज्य की सरकारों ने तमाम योजनाएं लागू की हैं, जिसका फायदा समाज के युवा, महिलाएं उठा रही हैं। सरकार दलित उद्यमियों के लिए काफी प्रयास कर रही है ताकि यह समाज भी हर क्षेत्र में आगे रहें।
डिक्की पदाधिकारियों को सुझाव दिया कि दलित शब्द की जगह अनुसूचित जाति जनजाति शब्द का इस्तेमाल किया जाए। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने टीएफसी में लगे मेले में 75 जिलों के ओडीओपी स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने जड़ी-बूटी, हर्बल टी से लेकर नए उद्योगों के बारे में भी उद्यमियों से जानकारी ली।
डिक्की के फाउंडर चेयरमैन डॉ. मीलिंद कांबले ने कहा कि इस मंच से दलित समाज के लोगों को नए रोजगार मिलेंगे। मंच के माध्यम से दलित समाज के लोग आर्थिक रूप व सामाजिक रूप से सशक्त होंगे। इनके लिए काफी योजनाएं लाई है। इन योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं है। अधिक से अधिक दलित समाज के लोग योजनाओं के बारे में जान सके। इसके लिए मेले का आयोजन किया गया है। प्रदर्शनी में डिक्की के प्रेसीडेंट कुंवर शशांक, पद्मश्री रवि कुमार नारा, चेयरमैन लालजी प्रसाद नीरमल, प्रशांत शर्मा, नेशनल वाइस प्रेसीडेंट डॉ. राजा नायक, गुरुप्रकाश पासवान, मनोज कुमार ने भी संबोधित किया।
प्लास्टिक बोतल डालिए, रिचार्ज कूपन लीजिए
मेले में स्टॉल लगाए दिल्ली के उद्यमी ने गौरव गुप्ता रिसाइक्लिन मशीन लगा रखी है। इस मशीन की खासियत यह है कि कोई भी प्लास्टिक की बोतल डालिए सौ रुपये का रिचार्ज मिलेगा। इन्होंने 40 मशीनें तैयार की हैं। इनमें से 40 मशीन वाराणसी में और 20 मशीन दिल्ली में लगाई जाएंगी। इसके लिए डिक्की और सिडबी में करार हुआ है। मशीन लगाने का उद्देश्य स्वच्छ काशी स्वावलंबी काशी है। इन मशीनों के रखरखाव की जिम्मेदारी डिक्की की होगी। इन मशीनों से जो रेवेन्यू आएगा उसे मशीन के मेंटनेंस में लगाया जाएगा।
दलित उद्यमियों ने लगाए हैं सौ स्टॉल
तीन दिवसीय मेले में देश के कोने-कोने से दलित समाज के उद्यमियों ने अपने-अपने स्टॉल सजाए हैं। इनमें उत्तराखंड की जड़ी-बूटी के स्टाल के साथ ही सहारनपुर के लकड़ी के खिलौने के अलावा बाराबंकी प्लास्टिक की मशीन के स्टाल हैं। वहीं मेले में प्राकृतिक हर्बल टी के स्टॉल पर पूछताछ करने के लिए लोगों की भारी भीड़ रही। मेले में दलित समाज के करीब सौ उद्यमियों ने स्टॉल लगाया है। मेला एक जनवरी तक चलेगा। मेले में स्टार्टअप के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। यहीं नहीं, दलित समाज के लोग कैसे उद्योग लगाए, इसके लिए भी जानकारी दी जा रही है। इसके लिए अलग से स्टॉल लगाया गया है। मेले में ट्रांसफार्मर बनाने का स्टाल, जड़ी-बूटी, सहारनपुर की लकड़ी के खिलौने, हर्बल टी के स्टॉल भी लगाए गए हैं। मेले में उत्तराखंड, नोएडा, राजस्थान, जयपुर, कानपुर समेत कई शहरों के उद्यमियों ने स्टॉल लगाया है।