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लॉकडाउन में मुंबई में लोगों की मदद कर रहे वाराणसी के शुभ्रांशु दीक्षित, व्हाट्सएप मैसेज व मिसकॉल पर लोगों को पहुंचा रहे अनाज 

Sat, 25 Apr 2020 11:09 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sat, 25 Apr 2020 11:09 PM IST
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Shubhanshu Dixit of Varanasi helping people in Mumbai in lockdown, sending food grains to WhatsApp message and misscalls
जरूरतमंद को राशन देते शुभ्रांशु - फोटो : amar ujala

कोरोना वायरस के विश्वव्यापी संकट में लॉकडाउन के चलते मुंबई महानगर में बहुत से परिवार के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। संकट की इस घड़ी में कुछ ऐसे कर्मवीर हैं जो मानवता की मिसाल बने हुए हैं। ये अपनी जमापूंजी खर्च कर जरुरतमंदों के दो जून की रोटी का इंतजाम कर रहे हैं। चांदीवली में रहने वाले समाजसेवी शुभ्रांशु दीक्षित व्हाट्सएप पर संदेश मिलने पर जरुरतमदों तक अनाज आदि पहुंचा रहे हैं। दीक्षित वाराणसी जिले के पिंडरा स्थित ओरांव गांव के मूल निवासी हैं। अब तक उन्होंने अपने मित्रों के साथ मिलकर 36 टन अनाज बांटा है।

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 चांदीवली विधानसभा क्षेत्र का अधिकांश भाग में झुग्गी बस्ती है। दीक्षित कहते हैं, मैंने संकल्प लिया है कि अपनी संस्था ‘श्री साईं श्रद्धा प्रतिष्ठान’ के माध्यम से इस इलाके में आर्थिक रूप से कमजोर व गरीब लोगों को कोरोना संकट के वक्त तक खाद्य सामग्री पहुंचाते रहेंगे।
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इनमे विधवा, दिहाड़ी मजदूर, श्रमिक, रोजाना कमाकर अपने घर का चूल्हा जलाने वाले ऑटो रिक्शा और टैक्सी ड्राइवर सहित दूसरे राज्य से रोजी-रोटी की तलाश में यहां आये मजदूर शामिल हैं। दीक्षित की टीम ऐसे लोगों तक भी अनाज आ पहुंचा रही है जो मोबाईल पर कॉल करने की बजाय मिस्ड कॉल करते हैं या व्हाट्सएप पर सिर्फ मैसेज भेजते हैं।
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ग्रुप के युवा उनसे घर का पता लेकर प्रतिदिन डिलीवरी करते हैं। शुभ्रांशु दीक्षित बताते हैं कि देश में चल रहे संकट कोरोना जैसी महामारी से राहत देने के लिए हमने चांदीवली इलाके में कुछ घरों को गोद लिया है। जब तक देश से यह संकट खत्म नहीं होता तब तक उनके खाने-पीने की व्यवस्था करने का संकल्प लिया है।

 

Shubhanshu Dixit of Varanasi helping people in Mumbai in lockdown, sending food grains to WhatsApp message and misscalls
गाड़ी में खाना लेकर लोगों में बांटने के लिए निकले प्रेम मिश्र - फोटो : amar ujala

प्रतिदिन  400 लोगों को भोजन दे रहे हैं युवा उद्यमी

मुंबई से सटे नालासोपारा में बड़ी संख्या में मजदूर रहते है। शहर के युवा उद्यमियों की टोली लॉकडाउन के चलते भोजन के लिए परेशान झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले 400 गरीब मजदूरों को प्रतिदिन भोजन दे रहे हैं। इस टीम के सदस्य प्रदीप तिवारी ने बताया कि नालासोपारा पूर्व के बिलालपाड़ा झुग्गी बस्ती में गरीब मजदूर, ऑटो ड्राईवर और फेरीवालों को भोजन वितरित किया जा रहा है। इस टीम के सदस्य बसंत प्रजापति, महेन्द्र पाल, मनोज गुप्ता, सुरेन्द्र पाल, धर्मवीर सिंह, सौरभ सिंह, रीतेश और आलोक सिंह आदि पूरा प्रयत्न करते हैं कि इस क्षेत्र का कोई भी गरीब भूखा न सोए।

हास्पिटल और सायन कोलीवाडा में बांट रहे हैं खाने के पैकेट

वसुधैव कुटुंबकम सेवा ट्रस्ट की ओर से प्रतिदिन केईएम, टाटा हास्पिटल और सायन कोलीवाडा परिसर में गरीबों को भोजन के पैकट बांटे जा रहे हैं। ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रेम मिश्र ने बताया कि इन परिसरों के अलावा फोन पर मुंबई के अन्य इलाकों में भी भोजन का पैकेट पहुंचाते हैं। दक्षिण मुंबई में मंत्रालय के सामने स्थित यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में विशेषसेवी प्रेम मिश्र कहते हैं कि उनके पास अपना टेंपो है जिससे शहर के अलावा उपनगरीय इलाकों में भी गरीबों को खाने के पैकेट बांटने जाते हैं। भोजन के पैकेट की अतिरिक्त जरूरत होने पर मलाड में जेजेटी ट्रस्ट द्वारा तैयार मसाला खिचड़ी और थेपला आदि गरीबों में वितरित करते हैं।

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