जी 20 के मेहमानों से छिपाईं कमियां: तीन की जगह कराया 12 किलोमीटर का सफर, कब दूर होगी ये समस्या?
पीडब्ल्यूडी व जलकल की खींचतान में सड़क का निर्माण लटका है। पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि सीवर लाइन डालने के बाद ही सड़क बनाई जाएगी। इससे पहले सड़क बनी तो फिर खोदाई की नौबत आएगी। जलकल प्रस्ताव न होने का हवाला देकर मामले से बच रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भोजूबीर से सिंधौरा मार्ग पिछले 1.5 वर्षों से खराब है। सड़क पर गड्ढे हैं। सीवर का पानी भी बह रहा है। यही सड़क बड़ा लालपुर क्षेत्र में स्थित हस्त कला संकुल को जोड़ती है, जहां कि जी20 के सम्मेलन कराए गए थे। खराब सड़क और कमियां छिपाने के लिए मेहमानों को तीन किलोमीटर की जगह 12 किलोमीटर का सफर तय कराया गया। मेहमानों को नदेसर से भोजूबीर के रास्ते न ले जाकर गिलट बाजार, हरहुआ, रिंगरोड के रास्ते हस्तकला संकुल पहुंचाया गया।
पीडब्ल्यूडी व जलकल की खींचतान में सड़क का निर्माण लटका है। पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि सीवर लाइन डालने के बाद ही सड़क बनाई जाएगी। इससे पहले सड़क बनी तो फिर खोदाई की नौबत आएगी। जलकल प्रस्ताव न होने का हवाला देकर मामले से बच रहा है। लिहाजा, खराब सड़क जस की तस पड़ी है। इसका खामियाजा क्षेत्र की जनता व प्रशासनिक अधिकारियों को भुगतना पड़ रहा है। अप्रैल, जून, अगस्त और सितंबर में आए जी20 देशों के मेहमानों को भी दूसरे रास्ते से ले जाया गया।
भोजूबीर-सिंधौरा मार्ग पर 10 से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। रात में सड़क पर अंधेरा रहता है। भोजूबीर-सिंधैरा मार्ग के रास्ते रिंग रोड भी जाया जा सकता है। इस रास्ते पर स्कूल और अस्पतालों की संख्या भी अधिक है। बच्चों के अलावा मरीजों को भी हिचकोले खाने वाली सड़क से गुजरना पड़ता है।
वीडीए की बोर्ड बैठक में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाए जाने पर सहमति बनी है। इसका प्रस्ताव अभी तैयार नहीं है। इस काम को जलकल कराएगा या जल निगम अभी यह भी तय नहीं है। प्रस्ताव बनने के बाद ही कुछ बता पाना संभव है। - एके राजपूत, महाप्रबंधक जलकल
सड़क का निर्माण तभी कराया जाएगा, जब सीवर पाइपलाइन बिछा दी जाएगी। पानी लगने से ही सड़क खराब होती है। पहले काम हुआ तो सड़क की फिर खोदाई कराई जाएगी। - केके सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
रामनगर-पड़ाव मार्ग नेशनल हाइवे-7 पर रोजाना सफर करने वाले 50 हजार से अधिक यात्रियों को झटका लग रहा है। भोजपुर स्थित पांच सौ मीटर की सड़क पर 200 गड्ढे हैं। इसी सड़क से होकर रामनगर तक जाया जाता है। प्रसिद्ध रामलीला मेला 28 सितंबर से शुरू हो रही है।
रामनगर और पड़ाव के बीच रोजाना आवाजाही करने वालों में सच्चू मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, मनोज दूबे आदि ने बताया कि भोजपुर के पास सड़क पर धूल उड़ती है। पीडब्ल्यूडी ने पैचवर्क के नाम पर गिट्टी डालकर छोड़ दिया। अब गिट्टियां उखड़ गईं। नाबदान की गंदगी भी सड़क पर आ रही है।
रामलीला भी हफ्ते भर में, इस मार्ग पर रहता है दबाव
पड़ाव से रामनगर और टेंगरा मोड़ बाईपास को जोड़ने वाले इस मार्ग की खस्ताहाल स्थिति को देखकर लोग चिंतित हैं। हफ्ते भर बाद 28 सितंबर से रामनगर में रामलीला शुरू हो जाएगी। ऐसे में इस मार्ग पर लोगों का दबाव बढ़ जाता है।