काशी विश्वनाथ मंदिर का सिंहद्वार बंद करने पर भड़के व्यापारी, प्रदर्शन और नारेबाजी कर जताया विरोध
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा में लगे कर्मियों ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सिंह द्वार को बंद कर दिया। इसके चलते विश्वनाथ गली में रहने वालों और व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। विरोध में व्यापारियों ने लामबंद होकर प्रदर्शन किया।
व्यापारियों का कहना था कि मंदिर प्रशासन की मनमानी के कारण आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि बाद में एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा से बातचीत के बाद रास्ते को खोला गया और व्यापारियों का आक्रोश शांत हुआ।
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए बुधवार को श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। इसको देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने सिंह द्वार को बंद कर दिया। गुस्साए व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर सिंहद्वार पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। रमेश तिवारी के नेतृत्व में व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
घटना को संज्ञान में लेते हुए एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा सुकीर्ति माधव मिश्रा और पाली प्रभारी से बात करने के बाद व्यापारियों की समस्या को निस्तारित करने का निर्देश दिया। इसके बाद व्यापारी शांत हुए। इस दौरान रमेश एनवीएन कसेरा, पवन शुक्ला, अजय खन्ना, राजू गुप्ता, मंटू गुप्ता और पार्षद नरसिंह बाबा उपस्थित रहे।