शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाज पार्टी के सपा में विलय को नकारा, गठबंधन पर दिया ये बयान
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प्रगतिशील समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व काबिना मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने आगामी विधान सभा चुनाव के पहले सपा में पार्टी के विलय की संभावनाओं को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में प्रसपा, सपा से गठबंधन कर सकती है लेकिन विलय की कोई संभावना नहीं है।
प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री यादव ने बलिया के रसड़ा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सपा के विघटन के बाद उन्होंने पार्टी को एकजुट रखने का काफी प्रयास किया था। कुछ चाटुकारों के चलते बात नहीं बनी और विवश होकर अलग पार्टी बनानी पड़ी।
उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास होगा कि पार्टी का गठबंधन सपा से हो जाए। गठबंधन संभव न होने पर समान विचार वाले दलों से गठबंधन का प्रयास किया जाएगा। अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार में रहते उन्होंने इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास किया था, लेकिन कुछ लोगों ने इसका विरोध कर प्रयास को विफल कर दिया।
शिवपाल यादव ने कहा कि हम चाहते हैं कि अब भी यह मुद्दा समाप्त हो जाए और देश में शांति व सद्भाव बना रहे। भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार को जन विरोधी करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण जनता महंगाई, बेरोजगारी आदि समस्याओं से जूझ रही है।
इसके पहले उन्होने कार्यकर्त्ताओं की बैठक को संबोधित किया। बैठक में पार्टी को एकजुट रखने और संगठन को सशक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं और इन्हीं के बल पर उनका दल भाजपा के मंसूबों को ध्वस्त करेगा।