वाराणसी: ज्ञानवापी में मिली शिवलिंगनुमा आकृति की पूजा-पाठ की मांग, अर्जेंट वाद पर सुनवाई जल्द
ज्ञानवापी में अधिवक्ता आयुक्त के सर्वे के दौरान मिली शिवलिंग जैसी आकृति को आदि विश्वेश्वर बताते हुए उनकी पूजा-पाठ और राग-भोग को लेकर शैलेंद्र सिंह योगीराज ने अर्जेंट वाद दाखिल की है।
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वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी परिसर में बीते साल अधिवक्ता आयुक्त के सर्वे के दौरान मिली शिवलिंग जैसी आकृति को आदि विश्वेश्वर बताते हुए उनकी पूजा-पाठ और राग-भोग को लेकर शैलेंद्र सिंह योगीराज की तरफ से अधिवक्ता एसके द्विवेदी द्वारा दाखिल अर्जेंट वाद को जिला जज ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सुनवाई के लिए स्थानांतरित कर दिया। सुनवाई की तिथि के आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली गई है।
अभी तक इस मामले की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन/फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत में लंबित थी। सिविल जज सीनियर डिवीजन/फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत के रिक्त होने के कारण जिला जज की अदालत से वाद को दूसरी कोर्ट में स्थानांतरित किए जाने का अनुरोध किया गया था।
हिंदू सेना के अध्यक्ष के वाद की सुनवाई टली
सिविल जज सीनियर डिविजन/फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत रिक्त होने के कारण शुक्रवार को ज्ञानवापी से सबंधित एक मामले की सुनवाई टल गई। इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि 12 अक्तूबर नियत की गई है। विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष दिल्ली निवासी विष्णु गुप्ता और अजीत सिंह ने कोर्ट में वाद दाखिल किया है।
उनके अधिवक्ता मंगला प्रसाद पाठक और अभिषेक पांडेय की ओर से वाद में कहा गया है कि ज्ञानवापी में गैर हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित करने के साथ ही अधिवक्ता आयुक्त के सर्वे के दौरान मिली शिवलिंग जैसी आकृति के राग-भोग, पूजा-दर्शन और अन्य धार्मिक आयोजन करने की अनुमति दी जाए।