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काशी पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: जगह-जगह हुआ स्वागत, बोले- सनातन धर्म की रक्षा के लिए आगे आना होगा
Sat, 17 Dec 2022 09:03 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Sat, 17 Dec 2022 09:03 PM IST
सार
स्वामी अविमुक्तश्वेरानंद सरस्वती लंबे अंतराल के बाद शनिवार को वाराणसी पहुंचे। शहरी सीमा में प्रवेश के बाद जगह-जगह उनका स्वागत हुआ।
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वाराणसी पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए जो भी करना है वह करेंगे। सनातन धर्म की रक्षा के लिए अब आगे आना ही होगा। जरूरत पड़ी जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
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शनिवार को लंबे अंतराल के बाद बनारस पहुंचे स्वामी अविमुक्तश्वेरानंद सरस्वती ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि यह भौतिक संसार असार है।
हमारे शास्त्र स्पष्ट उद्घोष करते हैं कि इस असार संसार में चार ही सार तत्व हैं। काशी का वास, सज्जनों का संग, गंगाजल और भगवान शिव। यह सभी काशीवासियों के लिए काशी में सुलभ हैं। सदा से ही काशी से धर्म का संदेश जाता रहा है। इसलिए काशीवासियों का यह दायित्व है कि वह इसके महत्व को समझें और धर्म के प्रति अपने दायित्वों को भी समझकर उनके अनुसार जीवन बिताएं।
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शनिवार को शहरी सीमा में प्रवेश के बाद आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने बाबतपुर में उनका स्वागत किया। इसके बाद सपा के किशन दीक्षित ने भी उनकी आरती उतारी। इसके बाद स्वागत का सिलसिला शिवपुर, भोजूबीर, कचहरी, नदेसर, तेलियाबाग, मलदहिया, सिगरा, गुरुबाग चौराहा, कमच्छा, भेलूपुर, सोनारपुरा से होते हुए श्री विद्या मठ तक चलता रहा।
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संतों, विद्वानों, छात्रों व काशीवासियों ने स्वागत किया। इस दौरान पं. श्रीप्रकाश मिश्र, राजेंद्र तिवारी, साध्वी पूर्णांबा, शारदांबा, प्रकाश उपाध्याय, रवि त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।