फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Shahi Nala will be repaired with help of robotic camera in Varanasi

खतरनाक है काशी का ये नाला: रोबोटिक कैमरे की मदद से होगी मरम्मत, इसी पर निर्भर है शहर की सीवर व्यवस्था

Sat, 14 Dec 2024 01:18 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 14 Dec 2024 01:18 PM IST
सार

जाम हो चुके शाही नाले की मरम्मत के लिए अब जलकल विभाग नया प्रयास करेगा। नाले की मरम्मत अब रोबोटिक कैमरे से होगी। जलकल ने इसके लिए कार्ययोजना बना ली है। तीन दिनों के भीतर काम शुरू होगा। 

विज्ञापन
Shahi Nala will be repaired with help of robotic camera in Varanasi
शाही नाला वाराणसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुर्गाघाट के शाही नाले की मरम्मत में खतरे को देखते हुए रोबोटिक कैमरे की मदद ली जाएगी। इसके जरिये नाले में अंदर लोहे की पाइप डाली जाएगी। बारिश के समय यहां मिट्टी दबने के खतरे को देखते हुए काम बंद किया गया था। जलकल विभाग ने तीन दिनों के भीतर काम शुरू करने की तैयारी की है। छोटे-छोटे लोहे के पाइपों को ट्रॉली के सहारे दुर्गाघाट पहुंचाया जाएगा।

विज्ञापन


इस वजह से लिया गया मैनुअल सफाई का फैसला
जाम हो चुके शाही नाले की सफाई के लिए दुर्गाघाट के पास आठ भवन खाली कराए गए थे। नाले पर बने भवनों से सफाई के दौरान गिरने का खतरा था। इन भवनों के आसपास के मोहल्लों में सीवर की समस्या है। सफाई के लिए सारे प्रयास फेल हो चुके हैं। इसके बाद फैसला लिया गया कि मैनुअल इसकी सफाई कराई जाएगी।
विज्ञापन


नाले के अंदर कुछ भाग काफी खतरनाक है। इस नाते रोबोटिक कैमरों का सहारा लिया जाएगा। इससे अंदर की तस्वीर के आधार पर काम शुरू कराया जाएगा। पूर्व में नाले के अंदर कुछ दूर जाकर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नाले के ऊपर रखी पटिया टूट चुकी है। इन भवनों के नींव की मिट्टी और ईंट आदि गिरने से नाला जाम हो चुका हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सिर्फ शाही नाले पर ही निर्भर है शहर की सीवर व्यवस्था

शहर की सीवर व्यवस्था सिर्फ शाही नाले पर ही निर्भर है। शाही नाला जिसे मुगलों ने सुरंग के रूप में विकसित किया था। बाद में ब्रिटिश हुकूमत ने उसे सीवर व्यवस्था में तब्दील कर दिया। नाले की उम्र 200 साल से भी ज्यादा हो गई। जगह-जगह तोड़फोड़ कर लोगों ने अपनी सीवर लाइन जुड़वा ली है। नतीजा यह नाला भी जीर्ण-शीर्ण हो गया है। दुर्गाघाट की पार्षद कनकलता मिश्रा ने बताया कि कैमरे की मदद से नाले की सफाई होगी। जलकल के अधिकारी लगातार यहां निरीक्षण कर रहे हैं। जलकल के सचिव ओपी सिंह ने बताया कि कैमरे की मदद से फोटो देखकर काम कराया जाएगा। पहले भी यहां काम कराया था। अब इसमें लोहे की पाइप डाली जानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed