Varanasi News: किशोरी संग दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष का कारावास, 10 साल पुराना है मामला
वाराणसी के लंका क्षेत्र निवासी किशोरी 13 मई 2012 को सुबह बीएचयू थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पुलिस ने 19 अगस्त 2012 को पीड़िता को बरामद किया। किशोरी को बंधक बनाने के आरोपी को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार किया। बुधवार को कोर्ट ने सजा सुनाई।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नीरज कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट ने किशोरी के साथ दुष्कर्म के अभियुक्त वीरेंद्र पटेल को दोषी पाते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। एडीजीसी प्रमथेश पांडेय के अनुसार लंका क्षेत्र निवासिनी एक महिला ने 15 जून 2012 को एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था, उसमें कहा था कि उसकी लड़की 13 मई 2012 को सुबह बीएचयू में एनसीसी परेड के लिए गयी थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।
उसने लंका थाने में पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कराई। इस बीच उसके मोबाइल पर फोन आया कि उसकी लड़की इलाहाबाद में है, जब उसने उस नंबर पर फोन मिलाया तो वह स्वीच ऑफ हो गया। मामले में एसएसपी के आदेश पर लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने 19 अगस्त 2012 को पीड़िता को बरामद किया। बाद में उसके बयान के आधार पर अभियुक्त का नाम प्रकाश में आया था। जिसके बाद पुलिस ने अभियुक्त वीरेंद्र पटेल को भी उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अदालत में अभियोजन की ओर से पांच गवाह परीक्षित कराए गए।
जानलेवा हमले के मामले में कस्टडी रिमांड पर देने का आदेश
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) नितेश कुमार सिन्हा की अदालत ने चोलापुर थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले के एक मामले में आरोपी सुभाष यादव को हमले में प्रयुक्त असलहा पिस्टल की बरामदगी के लिए 8 घंटे के पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने का आदेश दिया है।
रिमांड की अवधि बृहस्पतिवार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक रहेगी। मामले के विवेचक विपीन पांडे ने 16 अगस्त 2022 को कोर्ट में आवेदन देकर कहा था कि आरोपी सुभाष यादव ने जेल में दिए गए बयान में हमले में प्रयुक्त पिस्टल को मशीन के पास भूसे में छिपाया है जिसे चलकर बरामद करवा सकता है।