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प्रोन्नत वेतनमान के इंतजार में पूरी हो गई सेवा, अब बस पेंशन का ही सहारा

Thu, 22 Jul 2021 01:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 01:03 AM IST
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Service completed waiting for promoted pay scale, now only the support of pension
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले जिले के 500 से अधिक शिक्षक प्रोन्नत वेतनमान का 22 साल से इंतजार कर रहे हैं। 100 शिक्षक ऐसे भी हैं जो इंतजार करते-करते सेवानिवृत्त भी हो गए, लेकिन अब भी उनके हाथ खाली हैं। ऐसे शिक्षकों का मात्र पेंशन ही सहारा बना हुआ है। शिक्षक संघों ने कई बार आवाज उठाई, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर शिक्षकों की मायूसी बढ़ती जा रही है।
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नियुक्ति के दस साल बाद शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाता है। उसके अगले दस साल बाद प्रोन्नत वेतनमान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। 22 वर्ष पढ़ाने के बाद प्रोन्नत वेतनमान दिया जाता है। जिला स्तर पर कमेटी बनाई जाती है। जो शिक्षकों की स्क्रीनिंग करती है, लेकिन विभाग में पिछले 22 सालों से कोई कमेटी ही नहीं बनी। दिसंबर 2021 में 100 शिक्षक ऐसे है जो 22 वर्षों का अपना कार्यकाल पूरा करने वाले है, लेकिन इन्हें भी वेतनमान मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश संयुक्त मंत्री ने इस मामले में आवाज भी उठाई है। वाराणसी में इस समस्या को लेकर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बीएसए से मुलाकात कर मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।
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अन्य जिलों में भी यही है हाल
वाराणसी के साथ पूर्वांचल के कई जिलों में यही हाल है। आजमगढ़ में सबसे ज्यादा 1000 शिक्षक, जौनपुर में 600, गाजीपुर में 400, चंदौली में 350, सोनभद्र में 300 व मिर्जापुर में 250 शिक्षकों का अब तक प्रोन्नत वेतनमान नहीं मिल सका है।
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कोट
22 साल से कमेटी नहीं बनने की वजह से शिक्षकों के प्रोन्नत वेतनमान का भुगतान नहीं किया गया था। जल्द ही शिक्षकों की समस्या दूर करने के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा।
- राकेश सिंह, बीएसए
केस 1
प्राथमिक विद्यालय अमरा खैराचक में सहायक अध्यापक पूनम देवी 23 साल पढ़ा चुकी हैं। अब तक उन्हें प्रोन्नत वेतनमान नहीं मिला। इसी स्कूल के विनोद व नुआंव प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक मीनाक्षी टंडन का भी यही हाल है। दोनों 23 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।

केस -2
प्राथमिक विद्यालय घमहापुर में तैनात प्रधानाध्यापक कालिंदी देवी मार्च 2021 में सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, लेकिन पूरे कार्यकाल में उन्हें प्रोन्नत वेतनमान नहीं दिया गया है। रिटायरमेंट में भी उन्हें वह रकम नहीं मिली।
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