रोग प्रतिरोधक क्षमता का आकलन करने के लिए वाराणसी में सीरो सर्वे शुरू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना काल में शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कितनी है, इसकी जानकारी होना बहुत जरूरी है। यह न केवल किसी एक व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार की सेहत के लिए बेहतर कदम है। शुक्रवार से शुरू सीरो सर्वे में सैंपल लेने घर-घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को पहले जागरूक किया, फिर सभी का सैंपल लिया।
सर्वे को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां भी हैं, यही वजह है कि टीम के पहुंचने पर कई जगहों पर पहले तो लोग सैंपल देने से मना कर दिए। खासकर ग्रामीण इलाकों में सैंपल के लिए ज्यादा मशक्कत करनी पड़ी। बाद में जब टीम ने लोगों को सर्वे के बारे में जागरूक किया तो सभी तैयार हो गए और सैंपलिंग के लिए अपनी सहमति दी। इस दौरान लोगों का एंटीजन टेस्ट भी किया गया।
क्या है सीरो सर्वे
यह एक रक्त आधारित जांच है। व्यक्ति के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का आकलन होता है। यह कोरोना की जांच नहीं है। सर्वे में रैंडम रूप से 18 से 59 आयु वर्ग के बीच के व्यक्ति का सैंपल लेकर जांच की जा रही है। 18 साल से कम और 60 साल से अधिक वालों की जांच नहीं होगी। जांच से पहले संबंधित व्यक्ति की लिखित सहमति ली जाएगी।
यहां लिए गए सैंपल
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चार से आठ सितंबर तक चलने वाले सर्वे के लिए जिले में 45 जगहों पर 1440 लोगों के सैंपल लेकर उसे केजीएमयू में भेजा जाएगा। शुक्रवार को पहले दिन कुल 294 लोगों के सैंपल लिए गए। शहरी क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य लल्लापुरा, दुर्गाकुंड, आदमपुर, चौकाघाट के साथ ही ग्रामीण इलाकों में हरहुआ, काशी विद्यापीठ, बड़ागांव, आराजीलाइन, चोलापुर, दानगंज, चिरईगांव, बड़ागांव, पिंडरा में बाबतपुर सहित अन्य जगहों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर लोगों का सैंपल लिया। लोगों के शरीर में हेपेटाइटिस बी और सी की बीमारी की भी जांच की जा रही है। वहीं पहले दिन कई वार्डों में टीम जांच के लिए नहीं पहुंच पाई।