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बनारस को मिली अगले साल होने वाली सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप की मेजबानी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:45 AM IST
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भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष व सांसद ब्रज भूषण शरण सिंह को माला पहनाकर सम्मानित करते आयोजक
- फोटो : amar ujala
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भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि बनारस को अगले साल होने वाली सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है। 2019 में होने वाली सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन बनारस की धरती पर होगा।
राज्य स्तरीय अंडर-23 कुश्ती चैंपियनशिप में पहलवानों और आयोजकों का उत्साहवर्धन करते हुए शनिवार को उन्होंने गौराकला में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बनारस में कुश्ती की एकेडमी बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने बताया कि 2019 में काशी में होने वाली सीनियर नेशनल में सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त जैसे पहलवानों की कुश्ती काशी की जनता को देखने को मिलेगी। ओलंपिक, एशियाड और कॉमनवेल्थ में हिस्सा लेने वाले पहलवान इस आयोजन में हिस्सा लेंगे।
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प्रदेश में खेल को बढ़ावा देना है तो हमें हरियाणा से सीखना होगा। जकार्ता में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पारंपरिक खेल कबड्डी और हॉकी में गोल्ड नहीं जीतने का मलाल है। इसके बाद अब ओलंपिक की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
हमारा प्रयास है कि कुश्ती में भारतीय खिलाड़ी चार वेट कैटेगरी में क्वालीफाई करें। इसमें 50, 57, 62 और 68 किलोग्राम की वेट कैटेगरी तय की गई है। खेलो इंडिया से देश में खेल का माहौल तैयार हो रहा है। खेल की इस नर्सरी से आने वाले बेहतर खिलाड़ियों की पौध तैयार होगी।
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राज्य स्तरीय अंडर-23 कुश्ती चैंपियनशिप में पहलवानों और आयोजकों का उत्साहवर्धन करते हुए शनिवार को उन्होंने गौराकला में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बनारस में कुश्ती की एकेडमी बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
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कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने बताया कि 2019 में काशी में होने वाली सीनियर नेशनल में सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त जैसे पहलवानों की कुश्ती काशी की जनता को देखने को मिलेगी। ओलंपिक, एशियाड और कॉमनवेल्थ में हिस्सा लेने वाले पहलवान इस आयोजन में हिस्सा लेंगे।
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प्रदेश में खेल को बढ़ावा देना है तो हमें हरियाणा से सीखना होगा। जकार्ता में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पारंपरिक खेल कबड्डी और हॉकी में गोल्ड नहीं जीतने का मलाल है। इसके बाद अब ओलंपिक की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
हमारा प्रयास है कि कुश्ती में भारतीय खिलाड़ी चार वेट कैटेगरी में क्वालीफाई करें। इसमें 50, 57, 62 और 68 किलोग्राम की वेट कैटेगरी तय की गई है। खेलो इंडिया से देश में खेल का माहौल तैयार हो रहा है। खेल की इस नर्सरी से आने वाले बेहतर खिलाड़ियों की पौध तैयार होगी।
यूपी के खिलाड़ियों को मिले आर्थिक सहायता
राज्य स्तरीय अंडर 23 कुश्ती प्रतियोगिता
- फोटो : amar ujala
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यूपी के खिलाड़ियों को हरियाणा सरकार की तर्ज पर आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। हरियाणा सरकार गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़, सिल्वर मेडल वालों को डेढ़ करोड़ और ब्रोंज मेडल जीतने वालों को 75 लाख रुपये देती है।
खिलाड़ियों की आर्थिक सहायता के लिए सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ से भी बात की गई है। इस मामले में खिलाड़ियों ने कई बार अपनी पीड़ा जाहिर की है। दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से ही होकर जाता है।
मेडल जीतने के बाद यूपी के खिलाड़ियों के चेहरे पर जो चमक होती है वह पुरस्कारों की घोषणा के बाद समाप्त हो जाती है। खिलाड़ियों का यह दर्द हमने महसूस किया है। प्रयास है कि यह भेदभाव जल्द ही समाप्त हो।
खिलाड़ियों की आर्थिक सहायता के लिए सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ से भी बात की गई है। इस मामले में खिलाड़ियों ने कई बार अपनी पीड़ा जाहिर की है। दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से ही होकर जाता है।
मेडल जीतने के बाद यूपी के खिलाड़ियों के चेहरे पर जो चमक होती है वह पुरस्कारों की घोषणा के बाद समाप्त हो जाती है। खिलाड़ियों का यह दर्द हमने महसूस किया है। प्रयास है कि यह भेदभाव जल्द ही समाप्त हो।