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मधुबन नगर पंचायत का पं. दीनदयाल आदर्श नगर परियोजना में चयन
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मधुबन नगर पंचायत कार्यालय का मुख्य भवन।
- फोटो : MAU
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मऊ। नगर पंचायत मधुबन का चयन पं. दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर योजना में किया गया है। इससे नगर पंचायत का अपेक्षित विकास होगा। इस योजना में चयनित नगर पंचायतों में विकास की योजना पहले से तैयार की गई है। इसके लिए शासन से अलग बजट आवंटित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने मधुबन नगर पंचायत के लिए टाउन प्लानर की तैनाती की है। नगर पंचायत क्षेत्र में विकास करने के लिए पांच सदस्यीय टीम का भी गठन किया गया है। यह टीम विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करेगी।
करीब चार वर्ष पूर्व 19 सितंबर 2016 को 12 गांवों को मिलाकर मधुबन नगर पंचायत का गठन किया गया था। इसके बाद 12 दिसंबर 2018 को चुनाव के बाद वहां अध्यक्ष की तैनाती र्हुई लेकिन 15 वार्ड वाले नगर पंचायत का अपेक्षित विकास नहीं हुआ। बीते वर्ष जिला प्रशासन ने मधुबन नगर पंचायत को पं. दीनदयाल आदर्श नगर पंचायत योजना में शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन ने इस प्रस्ताव को जनवरी में स्वीकृति दे दी थी। इसके बाद 20 हजार आबादी वाले 15 वार्डों के इस नगर पंचायत को पंडित दीनदयान उपाध्याय योजना में शामिल किया गया। नगर पंचायत के विकास की कार्ययोजना तैयार करने का आदेश जिला और निकाय प्रशासन को जारी किया गया है। इसके तहत नगर पंचायत क्षेत्र में विकास का डीपीआर तैयार किया जा रहा है ताकि कार्ययोजना को शासन को भेजी जा सके। जिला प्रशासन ने टाउन प्लानर की तैनाती के साथ ही नगर पंचायत के 15 वार्डों के विकास को लेकर पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। जल्द ही मधुबन नगर पंचायत में सड़क, पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था के साथ ही सुंदरीकरण का कार्य कराया जाएगा।
आबादी के हिसाब से मिलता है बजट
पं. दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर योजना के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक बजट के लिए आबादी के हिसाब से नगर निकायों का वर्गीकरण किया गया है। इसके अनुसार 10 हजार की आबादी वाले नगर निकायों को 2 करोड़, 10 से 20 हजार तक की आबादी वाले निकाय को 3 करोड़ और 20 से 50 हजार तक की आबादी वाले नगर निकायों को 4 करोड़ रुपये की मदद सरकार देगी। इस धन से नगर निकायों में अवस्थापना विकास से संबंधित कार्य ही कराए जाएंगे।
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छोटी नगर पंचायतों के विकास की बनी योजना
छोटी नगर पंचायतों की जनसंख्या कम होने के कारण 14 वें वित्त और अवस्थापना निधि से इतनी धनराशि नहीं मिल पाती है कि उनका संपूर्ण विकास हो सके। इसी को आधार बना पर पं. दीन दयाल उपाध्याय आदर्श नगर योजना शुरू की गई है। इसमें आगामी 10 वर्षों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की डीपीआर तैयार करनी होती है। इसी क्रम में डीएम की ओर से नियुक्त आर्किटेक्ट या टाउन प्लानर नगर पंचायत मधुबन के विकास की योजना तैयार करेंगे।
नवसृजित मधुबन नगर पंचायत के पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत के रूप में चयनित होने से शासन से अतिरिक्त बजट मिलेगा जिससे विकास कार्य होंगे। धनाभाव के कारण नगर पंचायत का अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पा रहा था। -मुकेश चौधरी, ईओ, नगर पंचायत मधुबन।
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करीब चार वर्ष पूर्व 19 सितंबर 2016 को 12 गांवों को मिलाकर मधुबन नगर पंचायत का गठन किया गया था। इसके बाद 12 दिसंबर 2018 को चुनाव के बाद वहां अध्यक्ष की तैनाती र्हुई लेकिन 15 वार्ड वाले नगर पंचायत का अपेक्षित विकास नहीं हुआ। बीते वर्ष जिला प्रशासन ने मधुबन नगर पंचायत को पं. दीनदयाल आदर्श नगर पंचायत योजना में शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन ने इस प्रस्ताव को जनवरी में स्वीकृति दे दी थी। इसके बाद 20 हजार आबादी वाले 15 वार्डों के इस नगर पंचायत को पंडित दीनदयान उपाध्याय योजना में शामिल किया गया। नगर पंचायत के विकास की कार्ययोजना तैयार करने का आदेश जिला और निकाय प्रशासन को जारी किया गया है। इसके तहत नगर पंचायत क्षेत्र में विकास का डीपीआर तैयार किया जा रहा है ताकि कार्ययोजना को शासन को भेजी जा सके। जिला प्रशासन ने टाउन प्लानर की तैनाती के साथ ही नगर पंचायत के 15 वार्डों के विकास को लेकर पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। जल्द ही मधुबन नगर पंचायत में सड़क, पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था के साथ ही सुंदरीकरण का कार्य कराया जाएगा।
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आबादी के हिसाब से मिलता है बजट
पं. दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर योजना के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक बजट के लिए आबादी के हिसाब से नगर निकायों का वर्गीकरण किया गया है। इसके अनुसार 10 हजार की आबादी वाले नगर निकायों को 2 करोड़, 10 से 20 हजार तक की आबादी वाले निकाय को 3 करोड़ और 20 से 50 हजार तक की आबादी वाले नगर निकायों को 4 करोड़ रुपये की मदद सरकार देगी। इस धन से नगर निकायों में अवस्थापना विकास से संबंधित कार्य ही कराए जाएंगे।
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छोटी नगर पंचायतों के विकास की बनी योजना
छोटी नगर पंचायतों की जनसंख्या कम होने के कारण 14 वें वित्त और अवस्थापना निधि से इतनी धनराशि नहीं मिल पाती है कि उनका संपूर्ण विकास हो सके। इसी को आधार बना पर पं. दीन दयाल उपाध्याय आदर्श नगर योजना शुरू की गई है। इसमें आगामी 10 वर्षों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की डीपीआर तैयार करनी होती है। इसी क्रम में डीएम की ओर से नियुक्त आर्किटेक्ट या टाउन प्लानर नगर पंचायत मधुबन के विकास की योजना तैयार करेंगे।
नवसृजित मधुबन नगर पंचायत के पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत के रूप में चयनित होने से शासन से अतिरिक्त बजट मिलेगा जिससे विकास कार्य होंगे। धनाभाव के कारण नगर पंचायत का अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पा रहा था। -मुकेश चौधरी, ईओ, नगर पंचायत मधुबन।