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Varanasi News: मौसम के पूर्वानुमान और कृषि कैलेंडर पर मंथन करेंगे वैज्ञानिक
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वाराणसी। बीएचयू भू-भौतिकी विभाग, पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान, डीएसटी महामना जलवायु परिवर्तन एवं उत्कृष्ट केंद्र और भारत मौसम विज्ञान विभाग के तत्वावधान में आठ से दस फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मौसम के पूर्वानुमान, नए सिरे से कृषि कैलेंडर बनाए जाने पर मंथन होगा। इसका विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार कराया जाएगा और सरकार को भेजा जाएगा।
मंगलवार को संगोष्ठी के संयोजक प्रो. आरके मल्ल, प्रो. एएन सिंह रघुवंशी, प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि संगोष्ठी में देश-विदेश से करीब 300 कृषि वैज्ञानिक, मौसम वैज्ञानिक, कुलपति और कृषि विश्वविद्यालयों के शिक्षक शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, तकनीकी नवाचार, जलवायु परिवर्तन का कृषि पर प्रभाव, किसानों की आय बढ़ाने, जोखिम हस्तांतरण, फसल बीमा जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। प्रो. रघुवंशी ने बताया कि तीन दिवसीय इस संगोष्ठी में जो निष्कर्ष निकलकर आएंगे, उनके आधार पर एक विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार कराया जाएगा। इससे कृषि विश्वविद्यालयों, संस्थानों और सरकार को भी भेजा जाएगा।
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मंगलवार को संगोष्ठी के संयोजक प्रो. आरके मल्ल, प्रो. एएन सिंह रघुवंशी, प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि संगोष्ठी में देश-विदेश से करीब 300 कृषि वैज्ञानिक, मौसम वैज्ञानिक, कुलपति और कृषि विश्वविद्यालयों के शिक्षक शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, तकनीकी नवाचार, जलवायु परिवर्तन का कृषि पर प्रभाव, किसानों की आय बढ़ाने, जोखिम हस्तांतरण, फसल बीमा जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। प्रो. रघुवंशी ने बताया कि तीन दिवसीय इस संगोष्ठी में जो निष्कर्ष निकलकर आएंगे, उनके आधार पर एक विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार कराया जाएगा। इससे कृषि विश्वविद्यालयों, संस्थानों और सरकार को भी भेजा जाएगा।
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