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अब लहरों पर स्कूल, अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Mon, 12 Jan 2015 02:00 AM IST
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गंगा के किनारे छोटे-मोटे काम करके परिवार की आय में इजाफा करने वाले बच्चे भी तालीम पाएंगे। स्कूल अब उनके द्वार पर पहुंचेगा। इसके साथ ही, तटवर्ती बाशिंदों को चिकित्सकीय सुविधा भी आसानी से मिल सकेगी। इसके लिए गंगा की लहरों पर मोबाइल शिपिंग स्कूल के अलावा आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल खोलने की योजना बनाई गई है।
विकास की राह पर बढ़ी काशी को नए साल में शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ा अनूठा तोहफा देने की यह योजना केरला की समुद्रा शिपयार्ड और संकट मोचन फाउंडेशन ने मिलकर तैयार की है। इसे मूर्त रूप देने में 3.50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
काशी में गंगा की मध्यधारा पर मोबाइल शिपिंग स्कूल और अस्पताल खोलने की यह योजना पहली बार तैयार की गई है। नाव और पानी के जहाज बनाने वाली देश की प्रतिष्ठित कंपनी समुद्रा शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड ने इसके लिए कदम बढ़ाया है। कंपनी ने गंगा में मोबाइल स्कूल और अस्पताल की डिजाइन तैयार की है।
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1.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शिपिंग स्कूल में चार क्लास रूम के अलावा शिक्षक कक्ष, रिसेप्शन और प्रसाधन बनाया जाएगा। प्रसाधन बायो तकनीक पर आधारित होगा। इसमें एसटीपी भी लगाया जाएगा, ताकि उसका डिस्चार्ज गंगा में न होने पाए। इसी तरह शिपिंग मोबाइल अस्पताल में एक छोटा आपरेशन थिएटर बनाया जाएगा। इसके अलावा, परामर्श केंद्र और 12 बेड वाला वार्ड भी इसमें होगा।
इसमें मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ ही भर्ती करने की भी सुविधा दी जाएगी। इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन ने भी मदद देने का भरोसा दिलाया है। इसकी जानकारी रविवार की दोपहर समुद्रा शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डॉ. एस जीवन और संकट मोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने पत्रकारों से बातचीत में दी। बताया कि दिल्ली की संस्था ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन ने जल एंबुलेंस का खर्च वहन करने की हामी भरी है। इस योजना पर 3.50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
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विकास की राह पर बढ़ी काशी को नए साल में शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ा अनूठा तोहफा देने की यह योजना केरला की समुद्रा शिपयार्ड और संकट मोचन फाउंडेशन ने मिलकर तैयार की है। इसे मूर्त रूप देने में 3.50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
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काशी में गंगा की मध्यधारा पर मोबाइल शिपिंग स्कूल और अस्पताल खोलने की यह योजना पहली बार तैयार की गई है। नाव और पानी के जहाज बनाने वाली देश की प्रतिष्ठित कंपनी समुद्रा शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड ने इसके लिए कदम बढ़ाया है। कंपनी ने गंगा में मोबाइल स्कूल और अस्पताल की डिजाइन तैयार की है।
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1.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शिपिंग स्कूल में चार क्लास रूम के अलावा शिक्षक कक्ष, रिसेप्शन और प्रसाधन बनाया जाएगा। प्रसाधन बायो तकनीक पर आधारित होगा। इसमें एसटीपी भी लगाया जाएगा, ताकि उसका डिस्चार्ज गंगा में न होने पाए। इसी तरह शिपिंग मोबाइल अस्पताल में एक छोटा आपरेशन थिएटर बनाया जाएगा। इसके अलावा, परामर्श केंद्र और 12 बेड वाला वार्ड भी इसमें होगा।
इसमें मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ ही भर्ती करने की भी सुविधा दी जाएगी। इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन ने भी मदद देने का भरोसा दिलाया है। इसकी जानकारी रविवार की दोपहर समुद्रा शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डॉ. एस जीवन और संकट मोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने पत्रकारों से बातचीत में दी। बताया कि दिल्ली की संस्था ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन ने जल एंबुलेंस का खर्च वहन करने की हामी भरी है। इस योजना पर 3.50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।