स्कूल चले बच्चे: वाराणसी में छात्रों का किया गया स्वागत, कक्षा एक से पांच तक के बच्चे पहुंचे पढ़ाई करने
स्कूलों में कोविड गाइड लाइन का पालन कराया जा रहा है। स्कूल आने वाले छात्रों और शिक्षकों के लिए मास्क अनिवार्य किया गया है। वहीं, विद्यालय भी दो पालियों में चलेंगे, जिससे कि कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार पढ़ाई हो सके।
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बेसिक शिक्षा परिषद के कक्षा एक से पांच तक के विद्यालय बुधवार से खुल गए हैं। वाराणसी के स्कूलों में भी बच्चे पहुंच गए। कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार बच्चों का स्वागत किया गया। छात्रों और शिक्षकों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। वहीं, स्कूल आने वाले बच्चों की थर्मल स्कैनिक की व्यवस्था की गई है।
कक्षाओं में प्रवेश से पहले शरीर के तापमान की जांच की जा रही है। वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जा रहा है। वहीं, कई जगहों पर बच्चे मास्क लगाए नहीं दिखे हैं। महानिदेशक बेसिक शिक्षा की ओर से सभी बीएसए को निर्देश दिए गए थे कि स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाए।
दो पालियों में होंगी कक्षाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कक्षा छह से आठ तक के स्कूल पहले ही खुल चुके हैं। एक सितंबर से कक्षा एक से पांच तक के विद्यालय बुधवार को भी खुल गए। प्राथमिक स्कूलों में बच्चों का शिक्षण कार्य दो पालियों में होगा। पहली पाली सुबह आठ बजे से 11 बजे तक, जबकि दूसरी पाली सुबह 11:30 बजे से शुरू होगी।
कहीं चॉकलेट, टॉफी तो कहीं बैंड बजाकर स्वागत
प्राथमिक विद्यालय मलदहिया में प्रधानाध्यापक निकिता सिंह ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के साथ उन्हें उपहार में चॉकलेट और टॉफी प्रदान की गई। वहीं सैरागोपालपुर के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों का स्वागत बैंड की धुन से किया गया।
स्कूल बंद होने तक होती रही तैयारी
मंगलवार को स्कूल की छुट्टी होने के पहले तक स्कूलों में साफ-सफाई के साथ बच्चों के बैठने के लिए व्यवस्था हुई। प्राथमिक विद्यालय बच्छांव में प्रधानाध्यापक रूपेश राय ने कक्षाओं में सैनेटाइजेशन करवाया।
प्रभारी बीएसए रमाकांत पटेल ने बताया कि स्कूलों में शासन के दिशा-निर्देशों और कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है। स्वागत के लिए स्कूलों को गुब्बारे और फूलों से सजाया है। स्कूलों में पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा।