बच्चे मिड डे मील खा रहे अलग बैठकर, जातिगत भेदभाव का मामला सुन स्कूल पहुंचे डीएम, जानें क्या है हकीकत
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बलिया जिले के नगर शिक्षाक्षेत्र के अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय रामपुर नंबर- एक पर मिड डे मील के भोजन खिलाने में भेदभाव का मामला सामने आया। इस पर जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने गुरूवार को खुद मामले की जांच विद्यालय पहुंचकर की। वहां उन्होंने सभी बच्चों से बातचीत की और विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति आदि की भी जांच की।
डीएम ने बताया कि बातचीत में बच्चों ने इस बात से इनकार किया कि उनके साथ कोई भेदभाव किया जाता है। खाने में किसी प्रकार के जातिगत भेदभाव को भी बच्चों ने गलत बताया। भोजन की गुणवत्ता को भी बच्चों ने बेहतर बताया। इस प्रकार यह शिकायत पूरी तरह निराधार मिली। जिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले की और गहनता से जांच के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट समस्त छात्रों के अभिभावकों से भी बातचीत करेंगे।
जांच के दौरान जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक से भी कड़ाई से पूछताछ की। जांच में मिला कि विद्यालय में कुल 42 बच्चों का नामांकन है। इसमें गुरुवार को 18 बच्चे उपस्थित थे। इस दौरान प्रभारी बीएसए सुभाष गुप्ता भी मौजूद थे।
उधर, विद्यालय के प्रधानाध्यापक जी गुप्ता ने बताया कि बच्चों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता। हां बच्चे अपनी सुविधा के अनुसार इधर-उधर बैठकर जरूर खाते हैं। वहीं, स्कूल में बच्चों के अपने अपने ग्रुप हैं।
इस संबंध में कई बार बच्चों से साथ बैठकर खाने को कहा गया लेकिन वह कहने पर भी साथ नहीं बैठते। शायद ऐसा वह अपने परिवार और परिवेश के कारण करते हैं। उन्होंने विद्यालय स्तर पर किसी तरह के भेदभाव से पूरी तरह इनकार किया।