स्कूल चलो अभियान: वाराणसी में लक्ष्य पूरा, एक माह में सरकारी स्कूलों में 65 हजार बच्चों का प्रवेश
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश भर में चल रहे स्कूल चलो अभियान के खत्म होने के पहले ही वाराणसी जिले ने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है।
विस्तार
वाराणसी जिले के सरकारी विद्यालयों में बढ़ रहीं सुविधाएं और कायाकल्प लोगों को आकर्षित कर रहा है। इसका नतीजा ये है कि नए सत्र में स्कूल चलो अभियान के तहत एक महीने में 65 हजार बच्चे शिक्षा से जुड़ चुके हैं। कोरोना के कारण बच्चों के स्कूल जाने की लय लगभग टूट गई थी। नए सत्र में शासन बच्चों को स्कूल में दाखिला कराने के प्रयास में है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश भर में चल रहे स्कूल चलो अभियान का शनिवार को आखिरी दिन है। लेकिन अभियान के खत्म होने के पहले ही वाराणसी जिले ने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि दो अप्रैल से शुरू हुए स्कूल चलो अभियान में अब तक जिले में 65 हजार 276 नामांकन हो चुके हैं। सबसे ज्यादा 10,431 बच्चों का नामांकन चिरईगांव ब्लॉक में हुआ है। वहीं आराजीलाइन ब्लॉक में 9464 बच्चे स्कूल से जुड़ चुके हैं। जिले में सबसे कम नामांकन बड़ागांव ब्लॉक में हुआ, जहां मात्र 5715 बच्चे ही परिषदीय विद्यालय में इस सत्र में नामांकित हुए हैं। वहीं 10 हजार बच्चे ऐसे हैं, जो कान्वेंट स्कूलों से नाम कटवाकर सरकारी विद्यालय में प्रवेश लिया है।
ब्लॉक कुल नामांकन
- आराजीलाइन 9464
- बड़ागांव 5715
- चिरईगांव 10431
- चोलापुर 6590
- हरहुआ 6811
- काशी विद्यापीठ 7137
- पिंडरा 6596
- सेवापुरी 6538
- नगर क्षेत्र 5994
- रामनगर 2238
नामांकन उत्सव शुरू, 18 बच्चों को मिला प्रवेश
परिषदीय विद्यालय में छह से 14 वर्ष बच्चों के नामांकन के लिए खोजवां स्थित कंपोजिट विद्यालय मातृमठ में नामांकन उत्सव मनाया गया। स्कूल चलो अभियान के तहत शुक्रवार को मुख्य अतिथि मंडलीय सहायक शिक्षा बेसिक निदेशक अवध किशोर सिंह ने उत्सव की शुरुआत की एवं कुल 18 बच्चों का दाखिला दिलाया।
उन्होंने लोगों को परिषदीय विद्यालयों में नामांकन कराने की अपील की। खंड शिक्षा अधिकारी एवं एआरपी आदि को निर्देशित किया कि कोई भी बच्चा नामांकन से वंचित न रहे। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड, एआरपी अजय श्रीवास्तव, प्रधानाध्यापिका अंजू दुबे, सुनिता यादव, कविता गुप्ता, सोनी गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।