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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Scholars say Gen Z should be presented with authentic past history of resistance in India not taught in Varana

विद्वानों की बैठक व कार्यशाला: जेन-जी को परोसें सच्चा अतीत, नहीं पढ़ाया गया भारत में प्रतिरोध का इतिहास

Mon, 24 Aug 2026 02:50 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 24 Aug 2026 02:50 PM IST
सार

विद्वानों की बैठक और छात्रों की कार्यशाला में मुख्य वक्ता बाल मुकुंद ने कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का संकलन मात्र नहीं है, ये भविष्य की दिशा को समझने का रास्ता है। 

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Scholars say Gen Z should be presented with authentic past history of resistance in India not taught in Varana
इतिहास लेखन पर हुई कार्यशाला में शामिल अतिथि। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के वरिष्ठ इतिहासकारों ने पार्श्वनाथ विद्यापीठ में रविवार को अतीत के अध्ययन, रिसर्च और लेखन को लेकर बैठक और कार्यशाला की। इसमें बताया गया कि जेन जी को सटीक और सच्चा इतिहास परोसा जाए। मुख्य वक्ता बाल मुकुंद ने कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का संकलन मात्र नहीं है, ये भविष्य की दिशा को समझने का रास्ता है। इसके अध्ययन और रिसर्च में प्राथमिक और प्रमाणिक स्रोतों के उपयोग किया जाए। हमें अपने पूर्व के इतिहासकारों की सहायता से मूलस्रोतों से मिलान करना होगा। 

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बीएचयू में इतिहास विभाग की प्रो. अनुराधा सिंह और भारतीय इतिहास संकलन समिति, काशी प्रांत की ओर से हुई कार्यशाला में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आईं इतिहासकार प्रो. ऋतु जायसवाल ने कहा कि किसी दूसरे की लकीर को छोटा करना हमारा मकसद  नहीं है। पार्श्वनाथ विद्यापीठ स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र सभागार में 50 से ज्यादा इतिहासकारों और रिसर्चरों के बीच बातचीत और संवाद चला। 
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इतिहास संकलन समिति काशी प्रांत के संगठन मंत्री प्रो. पीयूष कांत शर्मा, इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रवेश भारद्वाज ने भी लोगों को संबोधित किया। विद्वान प्रो. देवी प्रसाद सिंह, प्रो. आनंद शंकर सिंह और प्रो. रचना सिंह ने विचार रखे। प्रो. संतोष कुमार, प्रो. सुमन जैन के बाद धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अशोक कुमार सिंह ने दिया। संचालन स्वर्गीय प्रो. आरपी पाठक के भाई प्रो. एसके पाठक ने किया। प्रो. रजनीश शुक्ल ने भी संबोधन दिया। 

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