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संस्कृति संसद में दुनिया भर के विद्वान बताएंगे भारतीय संस्कृति की महत्ता
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दुनिया भर में संस्कृत और संस्कृति का अलख जगाने के लिए तीन दिवसीय संस्कृति संसद का आयोजन 12 नवंबर से किया जाएगा। इसमें देश और दुनिया भर के धर्म व संस्कृत के विद्वान भारतीय संस्कृति का महत्ता बताएंगे। सिद्धगिरि बाग स्थित ब्रह्म निवास में रविवार को स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने संस्कृति संसद के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत संसद में देश के स्वतंत्रता सेनानियों व वीर शहीदों के बलिदान का स्मरण किया जाएगा। रुद्राक्ष स्थित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में पौलेंड के योगानंद शास्त्री, लंदन के मूल निवासी शैवतंत्र के विद्वान मार्क देजोस्की, योगाचार्य दिव्यप्रभा, एच. लूसी गेस्ट, बेल्जियम की कोनराड एल्स्ट सहित संस्कृत विद्वानों की लंबी शृंखला है। अखिल भारतीय संत समिति व श्रीकाशी विद्वत परिषद के मार्गदर्शन में उद्घाटन-समापन के अलावा 14 सत्रों पर विभिन्न पर विषयों पर विमर्श होंगे।
उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा की सांसद रूपा गांगुली, श्रीकाशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, गंगा महासभा के अध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक, शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, जगतगुरु रामानंद राजेश्वराचार्य, अखिल भारतीय संत समिति के मुख्य निदेशक महंत ज्ञानदेव सिंह, समिति के अध्यक्ष आचार्य अविचलदास, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्रपुरी, श्रीकाशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. राम नारायण द्विवेदी सहित अन्य लोग शामिल होंगे। इसी दिन तीसरे सत्र में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, संजय गुप्त, प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे, पुनित डालमिया सहित अन्य लोग शामिल होंगे।
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अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत संसद में देश के स्वतंत्रता सेनानियों व वीर शहीदों के बलिदान का स्मरण किया जाएगा। रुद्राक्ष स्थित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में पौलेंड के योगानंद शास्त्री, लंदन के मूल निवासी शैवतंत्र के विद्वान मार्क देजोस्की, योगाचार्य दिव्यप्रभा, एच. लूसी गेस्ट, बेल्जियम की कोनराड एल्स्ट सहित संस्कृत विद्वानों की लंबी शृंखला है। अखिल भारतीय संत समिति व श्रीकाशी विद्वत परिषद के मार्गदर्शन में उद्घाटन-समापन के अलावा 14 सत्रों पर विभिन्न पर विषयों पर विमर्श होंगे।
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उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा की सांसद रूपा गांगुली, श्रीकाशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, गंगा महासभा के अध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक, शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, जगतगुरु रामानंद राजेश्वराचार्य, अखिल भारतीय संत समिति के मुख्य निदेशक महंत ज्ञानदेव सिंह, समिति के अध्यक्ष आचार्य अविचलदास, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्रपुरी, श्रीकाशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. राम नारायण द्विवेदी सहित अन्य लोग शामिल होंगे। इसी दिन तीसरे सत्र में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, संजय गुप्त, प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे, पुनित डालमिया सहित अन्य लोग शामिल होंगे।
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