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विश्वनाथ मंदिरः आज सपरिवार गर्भगृह में झूले पर विराजेंगे काशीपुराधिपति, सावन पूर्णिमा पर विशेष झांकी
Sun, 22 Aug 2021 09:54 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 22 Aug 2021 09:54 AM IST
सार
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए कराई गई बैरिकेडिंग में रेड कार्पेट बिछा दिया गया है। काशी पुराधिपति का दरबार अपने भक्तों के लिए सजधज कर तैयार हो गया है। रविवार सुबह मंगला आरती के बाद मंदिर में दर्शन पूजन आरंभ हो गया।
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में सावन पूर्णिमा की मंगला आरती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सावन की पूर्णिमा पर काशीपुराधिपति सपरिवार झूले पर विराजमान होंगे। श्रावण पूर्णिमा पर बाबा का झूलनोत्सव शृंगार किया जाएगा। मंदिर परिसर को कामिनी की पत्तियों और फूलों से सजाया गया है। काशीपुराधिपति को काशीवासी झूला झूलाकर प्राचीन परंपरा का निर्वहन करेंगे।
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बाबा विश्वनाथ के मंदिर में शनिवार को दर्शन-पूजन के लिए देर रात तक तैयारियां चलतीं रहीं। श्रद्धालुओं के लिए कराई गई बैरिकेडिंग में रेड कार्पेट बिछा दिया गया है। काशी पुराधिपति का दरबार अपने भक्तों के लिए सजधज कर तैयार हो गया है। रविवार सुबह मंगला आरती के बाद मंदिर में दर्शन पूजन आरंभ हो गया।
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सप्तर्षि आरती के बाद गर्भगृह में पंचवदन प्रतिमा की झूला झांकी सजाई जाएगी। बाबा विश्वनाथ सपरिवार झूले पर विराजमान होकर दर्शन देंगे। मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से अलग-अलग मार्ग तैयार किए गए हैं।
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तीनों मार्ग में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसलिए मंदिर प्रशासन द्वारा सभी प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनिंग करने की व्यवस्था की गई है। कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सभी श्रद्धालुओं को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
मंदिर में न लेकर आएं कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, पेन, घड़ी, पेनड्राइव आदि को लेकर मंदिर में न आएं। इससे दर्शन में परेशानी होगी। दूसरा मंदिर परिसर में किसी विग्रह, दीवार या रेलिंग को स्पर्श करने से बचें।
मंदिर परिसर को हर छह घंटे पर सैनिटाइज किया जाएगा। आपात स्थिति के लिए चिकित्सक और एनडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेगी। पेयजल से लेकर खोया पाया केंद्र, पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया गया है।
मंदिर परिसर को हर छह घंटे पर सैनिटाइज किया जाएगा। आपात स्थिति के लिए चिकित्सक और एनडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेगी। पेयजल से लेकर खोया पाया केंद्र, पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया गया है।
महंत आवास में झूलनोत्सव, बाबा को अर्पित की गई शिवाजंलि
बाबा काशी विश्वनाथ के झूलनोत्सव की पूर्व संध्या पर बाबा की कजरी का आयोजन किया गया। शनिवार को टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर कजरी से पहले बाबा की पंचबदन प्रतिमा का पारंपरिक रूप से शृंगार किया गया। इस दौरान कलाकाराें ने बाबा के चरणों में शिवांजलि अर्पित की।
मंदिर के स्थापना काल से चली आ रही श्रावण पूर्णिमा की रस्में महंत आवास पर निभाई जाएंगी। बाबा को माता पार्वती और भगवान गणेश के साथ झूले पर विराजमान कराया जाएगा। काशी विश्वनाथ मंदिर में झूलनोत्सव सायंकाल साढ़े पांच बजे के बाद आरंभ होगा। उससे पूर्व टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर बाबा विश्वनाथ की रजत पंचबदन प्रतिमा का विधि-विधान पूर्वक पूजन अर्चन किया जाएगा।
महंत आवास से निकलेगी बाबा की सिंहासन यात्रा
विग्रह के पूजनोपरांत मंदिर के अर्चक और महंत परिवार के सदस्य बाबा की पंचबदन प्रतिमा को सिंहासन पर विराजमान करके टेढ़ीनीम से साक्षीविनायक, ढुंढिराज गणेश, अन्नपूर्णा मंदिर होते हुए विश्वनाथ मंदिर तक ले जाएंगे। इस दौरान बाबा का विग्रह श्वेत वस्त्र से ढंका रहेगा।
मंदिर पहुंचने के बाद बाबा की पंचबदन प्रतिमा को माता पार्वती और गणेश के साथ पारंपरिक झूले पर विराजमान कराया जाएगा। दीक्षित मंत्र से पूजन के बाद सर्वप्रथम पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी बाबा को झूला झुलाएंगे। इसके उपरांत सप्तर्षि आरती कराने वाले महंत परिवार के सदस्य बाबा का झूला झुलाएंगे।
मंदिर के स्थापना काल से चली आ रही श्रावण पूर्णिमा की रस्में महंत आवास पर निभाई जाएंगी। बाबा को माता पार्वती और भगवान गणेश के साथ झूले पर विराजमान कराया जाएगा। काशी विश्वनाथ मंदिर में झूलनोत्सव सायंकाल साढ़े पांच बजे के बाद आरंभ होगा। उससे पूर्व टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर बाबा विश्वनाथ की रजत पंचबदन प्रतिमा का विधि-विधान पूर्वक पूजन अर्चन किया जाएगा।
महंत आवास से निकलेगी बाबा की सिंहासन यात्रा
विग्रह के पूजनोपरांत मंदिर के अर्चक और महंत परिवार के सदस्य बाबा की पंचबदन प्रतिमा को सिंहासन पर विराजमान करके टेढ़ीनीम से साक्षीविनायक, ढुंढिराज गणेश, अन्नपूर्णा मंदिर होते हुए विश्वनाथ मंदिर तक ले जाएंगे। इस दौरान बाबा का विग्रह श्वेत वस्त्र से ढंका रहेगा।
मंदिर पहुंचने के बाद बाबा की पंचबदन प्रतिमा को माता पार्वती और गणेश के साथ पारंपरिक झूले पर विराजमान कराया जाएगा। दीक्षित मंत्र से पूजन के बाद सर्वप्रथम पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी बाबा को झूला झुलाएंगे। इसके उपरांत सप्तर्षि आरती कराने वाले महंत परिवार के सदस्य बाबा का झूला झुलाएंगे।