सौरभ हत्याकांड: सिंधोरा थाना प्रभारी लाइन हाजिर, सरैयां चौकी प्रभारी निलंबित; 1060 दिनों तक विवेचना लंबित रखी
Varanasi News: जिले के चर्चित सौरभ हत्याकांड की विवेचना 1060 दिन तक लंबित रखने पर पुलिस आयुक्त ने सिंधोरा थाना प्रभारी को लाइन हाजिर और सरैयां चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया। अपराध नियंत्रण और विवेचनाओं की समीक्षा के दौरान कार्रवाई हुई। नगर निगम चौकी प्रभारी को सिंधोरा थाने की नई जिम्मेदारी सौंपी गई।
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Saurabh Murder Case: जमीन विवाद को हल्के में लेने और हत्याकांड के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने मामले में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार की रात सिंधोरा थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, 1060 दिनों तक विवेचना लंबित रखने मामले में जैतपुरा थाना क्षेत्र के सरैया चौकी इंचार्ज सत्यदेव गुप्ता को निलंबित किया है। दरोगा सत्यदेव गुप्ता ने पांच विवेचनाओं को 23 से 1060 दिनों तक लंबित रखा था। पुलिस आयुक्त ने सिगरा थाना क्षेत्र के नगर निगम चौकी प्रभारी पंकज कुमार पांडेय को सिंधोरा थानाध्यक्ष नियुक्त किया है।
कैंप कार्यालय में अपराध समीक्षा बैठक के दौरान विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण में गंभीर लापरवाही सामने आई। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों की विवेचना 60 दिन में पूरी हो। जघन्य अपराधों की विवेचना 90 दिन के भीतर पूरी की जाए। अनावश्यक देरी पर जवाबदेही तय होगी। संगठित अपराध, माफिया और साइबर अपराधियों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि पशु तस्करी और एनडीपीएस तस्करों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी। हत्या, एनडीपीएस और साइबर अपराधियों के खिलाफ गुंडा और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। आवश्यकतानुसार राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) का भी प्रयोग किया जाएगा। चिह्नित अपराधियों पर हिस्ट्रीशीट की कार्रवाई प्रभावी ढंग से की जाए।
पुलिस आयुक्त ने रात्रि गश्त और ऑपरेशन चक्रव्यूह को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। पेशेवर अपराधियों की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए। चोरी और नकबजनी की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए। एसीपी और थाना प्रभारी प्रत्येक घटनास्थल का भ्रमण करें। टीम गठित कर 24 घंटे के भीतर अनावरण का हरसंभव प्रयास करें। एसआर श्रेणी के प्रकरणों का त्वरित अनावरण तय किया जाए। आरोपियों की गिरफ्तारी कर नियमित निगरानी के साथ विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण हो।
सावन माह: कांवड़ मार्ग की खुद निगरानी करें डीसीपी
पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि सावन माह के तहत कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सुगम यातायात और श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार तय किया जाए। सभी उच्चाधिकारी कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों का खुद निरीक्षण करें। बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की कमियां दूर की जाएं। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जाए।
अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। शहर की यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए ताकि जाम न लगे। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था व मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी काशी गौरव बंशवाल, डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, डीसीपी गोमती जाेन नीतू और डीसीपी सुरक्षा अनिल कुमार यादव आदि रहे।