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विश्व शांति का केंद्र बनेगा सारनाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 05 Oct 2016 01:47 PM IST
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आध्यात्मिक, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने और शांति, अहिंसा, भाईचारा के सूत्र में दुनिया को पिरोने के संकल्प के साथ भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली पर मंगलवार की सुबह कई देशों के दिल मिले। बौद्ध प्रतिनिधियों के जमावड़े के बीच केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि इस महोत्सव के जरिए विश्व समुदाय को गौतम बुद्ध को समझने में मदद मिलेगी और यहां से शांति-प्रेम का संदेश जाएगा। उन्होंने बताया कि बुद्धिस्ट सर्किट के आठ प्रमुख स्थलों में सात हिंदुस्तान में हैं। महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर, स्वज्ञान स्थल बौद्ध गया (महाबोधि वृक्ष), कपिलवस्तु (प्रारंभिक जीवन के अंश), संकिसा, श्रावस्ती, कौशांबी को दुनिया के आधुनिकीकरण की योजना तैयार की गई है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर बुद्धिस्ट सर्किट को संवारेंगी।
डॉ. शर्मा ने कहा कि सारनाथ को भारत में बौद्ध पर्यटन का केंद्र बनाया जाएगा और इसके लिए देश के विभिन्न बौद्ध स्थलों को सारनाथ से जोड़ने के लिए वायु, रेल और सड़क संपर्क विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन मंत्रालय के स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत बौद्ध सर्किट विकसित करने के लिए अभी तक 132.17 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यूपी का पर्यटन विभाग श्रावस्ती, कपिलवस्तु और कुशीनगर को कवर करने वाले बौद्ध सर्किट के विकास के लिए 99.97 करोड़ रुपये देगा।
विश्व के 39 देशों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार सुबह भगवान बुद्ध की भूमि को नमन किया। मूलगंध कुटी बिहार में सुबह 10 बजे डॉ. शर्मा ने दीप जलाकर कॉन्क्लेव की औपचारिक शुरूआत की। उन्होंने कहा कि मौजूदा सामाजिक, राजनीतिक परिदृश्य में बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। भगवान गौतम बुद्ध का इस धरती से दिया गया सत्य, अहिंसा, भाईचारा का संदेश पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि बुद्ध देशों से भारत के जुड़ाव को और मजबूत किया जाए।
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इस मौके पर थाईलैंड की पर्यटन एवं खेल उप मंत्री चावानी तोंग्रोच ने कहा कि इस धरती पर बुद्ध के जीवन को समझने में दुनिया को मदद मिलेगी। इस मौके पर प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह, केंद्रीय पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी, यूपी के प्रमुख सचिव पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य नवनीत सहगल, महापौर राम गोपाल मोहले, पर्यटन सचिव मीनाक्षी सरना मौजूद रहे। अध्यक्षता महाबोधि सोसाइटी आफ इंडिया के संयुक्त सचिव पी शिवली थेरो ने की। वहीं मंजरी चतुर्वेदी के वैले डांस पर डेलिगेट्स अभिभूत हो उठे। शाम को मूलगंध परिसर में दीप प्रज्जवलन भी किया गया।
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डॉ. शर्मा ने कहा कि सारनाथ को भारत में बौद्ध पर्यटन का केंद्र बनाया जाएगा और इसके लिए देश के विभिन्न बौद्ध स्थलों को सारनाथ से जोड़ने के लिए वायु, रेल और सड़क संपर्क विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन मंत्रालय के स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत बौद्ध सर्किट विकसित करने के लिए अभी तक 132.17 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यूपी का पर्यटन विभाग श्रावस्ती, कपिलवस्तु और कुशीनगर को कवर करने वाले बौद्ध सर्किट के विकास के लिए 99.97 करोड़ रुपये देगा।
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विश्व के 39 देशों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार सुबह भगवान बुद्ध की भूमि को नमन किया। मूलगंध कुटी बिहार में सुबह 10 बजे डॉ. शर्मा ने दीप जलाकर कॉन्क्लेव की औपचारिक शुरूआत की। उन्होंने कहा कि मौजूदा सामाजिक, राजनीतिक परिदृश्य में बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। भगवान गौतम बुद्ध का इस धरती से दिया गया सत्य, अहिंसा, भाईचारा का संदेश पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि बुद्ध देशों से भारत के जुड़ाव को और मजबूत किया जाए।
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इस मौके पर थाईलैंड की पर्यटन एवं खेल उप मंत्री चावानी तोंग्रोच ने कहा कि इस धरती पर बुद्ध के जीवन को समझने में दुनिया को मदद मिलेगी। इस मौके पर प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह, केंद्रीय पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी, यूपी के प्रमुख सचिव पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य नवनीत सहगल, महापौर राम गोपाल मोहले, पर्यटन सचिव मीनाक्षी सरना मौजूद रहे। अध्यक्षता महाबोधि सोसाइटी आफ इंडिया के संयुक्त सचिव पी शिवली थेरो ने की। वहीं मंजरी चतुर्वेदी के वैले डांस पर डेलिगेट्स अभिभूत हो उठे। शाम को मूलगंध परिसर में दीप प्रज्जवलन भी किया गया।