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बनारस पहुंचे संत निरंजन दास, फूलों से हुआ स्वागत, साढ़े पांच घंटे देरी से पहुंची बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन

Tue, 15 Feb 2022 01:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Feb 2022 01:51 AM IST
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Sant Niranjan Das reached Banaras, welcomed with flowers, Begumpura special train arrived late by five and a half hours
संत शिरोमणि संत रविदास के जयंती समारोह का रंग अब बेगमपुरा में भव्य रूप में नजर आने लगा है। संत निरंजन दास के मेला क्षेत्र में पहुंचने के बाद पूरा मेला क्षेत्र रविदास शक्ति अमर रहे, जो बोले सो निर्भय और सदगुरु महाराज की जय के जयकारों से गूंज उठा। रैदासियों ने रविदासिया धर्म प्रमुख का फूलों से स्वागत किया। इसके साथ ही सीर जयंती समारोह के लिए सज-धजकर तैयार हो चुका है।
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सोमवार को रविदासिया धर्म प्रमुख संत निरंजन दास का काफिला बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन से शाम 5:30 बजे कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। साढ़े पांच घंटे की देरी से ट्रेन पहुंचने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर था। स्टेशन परिसर से जैसे ही संत निरंजन दास, संतों और श्रद्धालुओं के साथ पंजाब पुलिस के सुरक्षा घेरे में बाहर आए तो ढोल-नगाड़े और फूलों की बरसात से श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला सीरगोवर्धन के लिए रवाना हो गया। सीर में जैसे ही गुरु के आने की खबर मिली रास्ते भर श्रद्धालु फूल लेकर खड़े रहे। उन्होंने संत निरंजन दास के काफिले पर फूल बरसाकर स्वागत किया। पूरा परिसर सदगुरु महाराज की जय के जयकारे से गूंजता रहा। संत निरंजन दास ने संतों की टोली के साथ गुरु रविदास के मंदिर में मत्था टेका। मंदिर से निकलर वीआईपी गेस्ट हाउस के बाहर ही उन्होंने श्रद्धालुआें को दर्शन दिया। श्रद्धालु जगह-जगह खड़े होकर अपने स्थान से ही दंडवत होकर अपने गुरु की अगवानी कर रहे थे।
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संत निरंजन दास 15 फरवरी को पंडाल, लंगर हाल और सत्संग स्थल का भ्रमण करेंगे। 16 फरवरी को प्रात: सात बजे नगवा पार्क में रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने जाएंगे। वहां से लौटकर आठ बजे संत रविदास मंदिर परिसर में रैदासिया धर्म के ध्वज का आरोहण करेंगे। पूर्वाह्न 11 बजे सत्संग पंडाल में जाएंगे।
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सेवा और समर्पण का दिखा नजारा
सोमवार को सीर गोवर्धन में जगह-जगह सेवा और समर्पण के नजारे आम थे। एक तरफ मंदिर में भक्तों की कतार लगी थी तो दूसरी ओर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सेवादार भी मुस्तैद थे। संत रविदास की मूर्ति पर नए वस्त्र चढ़ाने वाले भक्तों की कतार लगी रही। कुछ भक्तों ने नए कपड़ों के गट्ठर भी ले रखे थे। उन्होंने बताया कि ये कपड़े पंजाब में उन लोगों के बीच प्रसाद के तौर पर वितरित किए जाएंगे जो कोरोना संक्रमण के कारण से यहां तक नहीं आ सके हैं।
भजन कीर्तन से हुआ गुलजार
श्रद्धालुओं के शिविर के बाहर भजन कीर्तन का दौर भी चलता रहा। कहीं कीर्तन तो कहीं पंडवानी तो कहीं लोकगीतों के जरिए गुरु के गुणों का बखान करते हुए श्रद्धालु नाच गा रहे थे। मेले में शायद ही कोई ऐसी दुकान हों जहां खरीदारों की भीड़ न हो। जूतियों, कपड़ों, साड़ियों, सलवार सूट, शृंगार के साजोसामान से लेकर खिलौनों और चाट पकौड़े की दुकानों पर जमकर खरीदारी हो रही थी।
तीन दिन चलने वाला मालवा लंगर शुरू
नौ वर्षों से संत रविदास विद्यालय में मालवा लंगर कमेटी पंजाब की तरफ से तीन दिन तक चलने वाला लंगर दोपहर बाद शुरू हो गया। कमेटी के चेयरमैन लालचंद्र ने बताया कि लगभग 400 सेवादार ट्रक में सामान लेकर आते हैं और कमेटी की तरफ से ब्रेड पकौड़ा, नमकीन, बुनिया, खुरमा, पकौड़ी और चाय का तीन दिन तक लंगर चलाती है। 78 सदस्य मिलकर कमेटी को संचालित करते हैं। कमेटी के लोग जयंती का समापन होने के बाद जाते समय विद्यालय में कुछ नया काम करवाकर जाते हैं। इसके अलावा दो और लंगर पंजाब और जालंधर से आए लोग चला रहे हैं।
दूसरों के जूते साफ करना ही सेवा
मंदिर के ठीक सामने गली में जूता स्टैंड बना है। इस स्टैंड पर लोग धूल धूसरित जूते रख कर जा रहे हैं और जब लौट रहे हैं तो उनके जूते चमचमाते हुए मिल रहे हैं। जूता स्टैंड पर सेवा देने वाले भक्तों ने बताया कि दूसरों के जूते साफ करना भी धर्म का ही काम है।
पंडालों में अब नहीं बची जगह
मेला क्षेत्र में आने वाले संगत को रहने के लिए पंडालों में अब जगह नहीं बची है। मंदिर परिसर पूरे मेला क्षेत्र में जगह-जगह रंग-बिरंगी झालर-बत्तियों से सजाया गया है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार संगत की संख्या करीब 50 हजार के ऊपर पहुंच गई है। सेवादारों की संख्या लगभग छह हजार हो गई है।
पंडालों के बाहर बने चार्जर पॉइंट, लगे मोबाइल टॉयलेट
श्रद्धालुओं और सेवादारों के खाने-पीने और दवा की व्यवस्था के साथ ही उनके मोबाइल चार्ज करने के लिए पंडालों के बाहर दर्जनों चार्जर पॉइंट बनाए गए हैं। जलकल और नगर निगम की तरफ से परिसर में मोबाइल टॉयलेट के साथ ही पानी पीने के लिए नल लगाए गए हैं। जलकल की तरफ से 12 टैंकर लगवाए गए हैं।

कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज परिसर में यात्रियाें की बढ़ी भीड़
पंजाब व पूर्वांचल से काशी पहुंचे श्रद्धालुओं के चलते कैंट व रोडवेज बस स्टेशन पर भीड़ देखने को मिली। कैंट रेलवे स्टेशन पर दोपहर ढाई बजे के करीब पहुंची बेगमपुरा एक्सप्रेस व शाम 5.26 मिनट पर पहुंची स्पेशल ट्रेन में संत निरंजन दास व उनके साथ पहुंचे रैदासियों की वजह से रेलवे स्टेशन पर भीड़ जुट गई।
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