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वाराणसीः संत रविदास की जन्मस्थली से गुरु चरणों की रज लेकर संत निरंजन दास संगत के साथ पंजाब रवाना
Thu, 17 Feb 2022 11:37 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 17 Feb 2022 11:37 PM IST
सार
संत निरंजन दास ने सरकार और स्थानीय प्रशासन का आभार जताते हुए देश की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया।
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पंजाब जाने से पूर्व कैंट रेलवे स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन पर सवार होकर काशी को नमस्कार करते संत निरंजन दास ।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी के सीरगोवर्धन स्थित संत रविदास की जन्मस्थली पर अपने गुरु का जन्मोत्सव मनाने के बाद संत निरंजन दास अनुयायियों के साथ बृहस्पतिवार की दोपहर पहली स्पेशल ट्रेन से पंजाब रवाना हुए। मंदिर के प्रमुख संत गद्दीनशीन 108 संत निरंजन दास ने सरकार और स्थानीय प्रशासन का आभार जताते हुए देश की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ ही एकता के साथ मिलजुल कर रहने का संदेश देते हुए कहा सत संगत मिल रहिए माधव जैसे मधुप मखीरा, मधुमक्खी जैसे एक छत्ते में मिलकर रहती है उसी प्रकार एकसाथ रहना चाहिए।
संत निरजंन दास ने मंदिर में संत रविदास की प्रतिमा को नमन करने के बाद संत मनदीप दास और संतों के साथ ही ट्रस्ट के एल सरोआ, निरंजन चीमा, मैनेजर रनवीर सिंह और श्रद्धालुओं के साथ कैंट स्टेशन के लिए निकले।
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उधर जयंती के समापन पर सीरगोवर्धन से श्रद्दालुओं और संगत के घर वापसी का सिलसिला शुरू हो गया। लौटने से पहले श्रद्धालु संत रविदास की जन्मस्थली को नमन कर फिर अगली जयंती में आने का संदेश लेकर भावुक होकर निकलते रहे। साथ ही मेला क्षेत्र से कुछ न कुछ गुरु के प्रसाद के रूप में खरीदारी भी की।
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उन्होंने आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ ही एकता के साथ मिलजुल कर रहने का संदेश देते हुए कहा सत संगत मिल रहिए माधव जैसे मधुप मखीरा, मधुमक्खी जैसे एक छत्ते में मिलकर रहती है उसी प्रकार एकसाथ रहना चाहिए।
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संत निरजंन दास ने मंदिर में संत रविदास की प्रतिमा को नमन करने के बाद संत मनदीप दास और संतों के साथ ही ट्रस्ट के एल सरोआ, निरंजन चीमा, मैनेजर रनवीर सिंह और श्रद्धालुओं के साथ कैंट स्टेशन के लिए निकले।
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उधर जयंती के समापन पर सीरगोवर्धन से श्रद्दालुओं और संगत के घर वापसी का सिलसिला शुरू हो गया। लौटने से पहले श्रद्धालु संत रविदास की जन्मस्थली को नमन कर फिर अगली जयंती में आने का संदेश लेकर भावुक होकर निकलते रहे। साथ ही मेला क्षेत्र से कुछ न कुछ गुरु के प्रसाद के रूप में खरीदारी भी की।
रविदासियाधर्म के प्रचार-प्रसार पर चर्चा
वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बैठा श्रद्धालुओं का जत्था ।
- फोटो : अमर उजाला
संत रविदास जयंती के सकुशल संपन्न होने के बाद रविदासिया धर्म संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव वाघमारे और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा मंदिर के संत मनदीप दास ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ मंदिर में एक बैठक की। इसमें संत की जन्मस्थली के विकास और रविदासिया धर्म के प्रचार प्रसार और संगठन को मजबूत बनाने की चर्चा की गई।
आज पंजाब जाएगी दूसरी ट्रेन
वाराणसी में सीरगोवर्धन में रविदास जयंती के बाद लौट रहे श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को रैदासी भक्तों को लेकर वापस पंजाब जाएगी। ज्यादातर भक्त और सेवादार अन्य ट्रेनों और बस तथा निजी वाहनों से काशी से वापस जा रहे हैं। जयंती में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालु घर वापसी के पहले दुकानों से कुछ न कुछ खरीदारी करते दिखे। इनका मानना है कि ये संत रविदास की जन्मस्थली का प्रसाद है। यहां न आने वालों को प्रसाद के रूप में देते हैं। श्रद्धालु यहां से खरीदी कोई एक वस्तु को अपने पूजा घरों में रखते हैं।