बीएचयू: पंद्रह दिन बाद खुला संकाय का ताला, फिरोज खान पर संशय बरकरार
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बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय(एसवीडीवी) में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में संकाय में पंद्रह दिन से बंद ताला गुरुवार को खुल गया। बावजूद इसके फिरोज खान पर अभी भी संशय बरकरार है। वह बीएचयू आएंगे कि नहीं, क्लास लेंगे कि नहीं, इस पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उधर संकाय प्रमुख का दावा है कि छात्रों से बातचीत के बाद संकाय का ताला खुलवाया गया, जिससे कि पठन-पाठन का माहौल बन सकें।
परिसर के एसवीडीवी के साहित्य विभाग में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में सात नवंबर से ही ताला बंद था। इस वजह से पढ़ाई ठप रही। शिक्षक हर दिन संकाय जाते थे और उन्हें बाहर रहना पड़ता था। इधर कुलपति आवास के सामने डॉ. फिरोज की नियुक्ति के विरोध में धरने पर बैठे छात्रों ने बृहस्पतिवार को भी हनुमान चालीसा का पाठ किया।
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दोपहर में चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओपी राय संग संकाय प्रमुख ने कुछ शिक्षकों को लेकर छात्रों के पास पहुंचे और उन्होंने मांगों को एक-एक कर पढ़ा और दस दिन के भीतर कार्रवाई की बात कहते हुए छात्रों को आदेश की लिखित कॉपी भी दी और विश्वविद्यालय हित में धरना समाप्त करने, संकाय को खुलवाने की बात कही।
उनका यह आश्वासन भी काम नहीं आया और छात्र धरना समाप्त न करने की बात कहकर लौटा दिए। उधर संकाय तो खुल गया। उधर डॉ. फिरोज के बारे में छात्रों ने संकाय प्रमुख से पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे सके। ऐसे में संकाय खुलने के बाद क्या फिरोज पढ़ाने आएंगे, इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। हालांकि संकाय में बंद ताला खुलने के बाद माना जा रहा है कि शुक्रवार से यहां पहले की तरह पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
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