इनसे सीखे काशी: इंदौर मॉडल से बदलेगी सफाई व्यवस्था..., छह मॉडल वार्ड बनेंगे बदलाव की मिसाल
Varanasi News: इंदौर ने काशी को कुछ सुझाव दिए हैं। नगर आयुक्त इंदौर ने बताया कि इंदौर की तर्ज पर पहले चरण में वाड़ों को विकसित कर उन्हें मॉडल वार्ड बनाया जा सकता है।
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वाराणसी शहर की संकरी गलियां, हजारों की तादाद में मंदिर और रोजाना काशी आने बाले लाखों भक्त और पर्यटकों के स्वागत के लिए गलियों का साफ होना बहुत जरूरी है। देश के सबसे स्वच्छ शहर ने काशी को कुछ सुझाव दिए हैं कि किस तरह वह शहर को स्वच्छ रख सकते हैं।
नगर आयुक्त इंदौर आईएएस आशीष ने बताया कि इंदौर की तर्ज पर पहले चरण में वाड़ों को विकसित कर उन्हें मॉडल वार्ड बनाया जा सकता है। इसके लिए कालभैरव, चेतगंज, पिशाचमोचन, डिदोरीमहाल, नारायणपुर और पियरी कला वार्ड शामिल को किया जा सकता है। इन वार्डों को सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
यहां 100 प्रतिशत स्स्रोत पर कचरा पृथक्करण, होम कम्पोस्टिंग, सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था, जीपीएस आधारित डोर-टू-डोर कलेक्शन और जीरो वेस्ट प्रमोशन लागू किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, जीआईएस आधारित बीट मैपिंग, मॉडल वार्ड और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर देने की जरूरत है। सभी वाडों के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्ग्रहण व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और कूड़े का उठान हर हाल में सौ फीसदी हो।
सफाई व्यवस्था की निगरानी और ट्रैकिंग को डिजिटल बनाने के लिए जीआईसी आधारित बीट मैपिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके जरिए सफाई कर्मचारियों की तैनाती, बीट दूरी, वाहन और सुपरवाइजर की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा लोगों को जागरुक करने और गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई भी करनी होगी।