पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में एबीवीपी का पत्ता साफ, संस्कृत विश्वविद्यालय में एनएसयूआई की जीत
- फर्जी वोटिंग को लेकर कुछ देर तक छात्रों ने हंगामा भी किया
- पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत, कई बार हल्के बल का किया प्रयोग
- कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा, एनएसयूआई की जीत युवाओं का है बदलता नजरिया
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में एबीवीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। रविवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी अपना खाता तक नहीं खोल सकी है। वहीं एनएसयूआई ने सभी पदों पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर कृष्ण मोहन शुक्ला, उपाध्यक्ष पद पर अजीत कुमार चौबे, महामंत्री पद पर शिवम चौबे और पुस्तकालय मंत्री आशुतोष कुमार मिश्र चुने गए हैं। चुनाव में एबीवीपी के पैनल का पत्ता साफ हो गया।
रविवार को शाम 5:30 बजे विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की गई। परिणाम जारी होने के बाद समर्थकों ने परिसर में जमकर नारेबाजी की। अध्यक्ष पद पर विजयी कृष्ण मोहन शुक्ला ने 136 वोट से जीत दर्ज की। कृष्ण मोहन को 442 और अजय दुबे को 306 मत मिले थे। 23 मत अवैध थे। उपाध्यक्ष पद पर अजीत कुमार चौबे ने 68 वोट से चंद्रमौलि तिवारी को मात दी। 15 मत अवैध रहे।
महामंत्री पद पर शिवम चौबे ने 219 मतों से गौरीशंकर गंगेले को हराया। 19 मत अवैध रहे। पुस्तकालय मंत्री के पद पर आशुतोष कुमार मिश्र ने विवेकानंद पांडेय को 77 मतों से हराया। 1732 मतदाताओं में से 771 ने ही मतदान किया। वेद वेदांग संकाय के राघवेंद्र मिश्रा, पंकज द्विवेदी, कुश तिवारी, शानू कुमार, सत्याजीत तिवारी चयनित किए गए। श्रमण विद्या संकाय के प्रियांशु कुमार पांडेय निर्वाचित हुए। साहित्य संस्कृति संकाय के अनुराग शर्मा और बृजेश कुमार दुबे, और दर्शन संकाय के शिव ओम शर्मा निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। विजयी प्रत्याशियों को कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ला ने पद की शपथ दिलाई। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के साथ विजयी प्रत्याशियों को घरों तक पहुंचाया गया।
पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
कड़ी सुरक्षा व गहमागहमी के बीच छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान सुबह नौ बजे से शुरू हुआ। छात्रों को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। फर्जी वोटिंग को लेकर कुछ देर तक छात्रों ने हंगामा भी किया। मतदान दोपहर दो बजे तक चला। छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। चुनाव अधिकारी प्रो. सुधाकर मिश्र ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। चुनाव में 44.51 फीसदी प्रत्याशियों ने मतदान किया।
लोट-लोटकर मांग रहे थे वोट
चुनाव के लिए छात्रसंघ प्रत्याशी लोट-लोटकर वोट मांग रहे थे। कोई मतदाताओं के पैर पकड़कर लोट रहा था तो कोई हाथ जोड़ रहा था। परिसर में परिचय पत्र व फीस रसीद देखने के बाद ही छात्रों को मतदान स्थल तक जाने की छूट दी जा रही थी। मतदान के दौरान शक्ति प्रदर्शन का आलम यह था कि पंफलेट से सड़क पट गई थी। वहीं समर्थकों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को उन्हें कई बार खदेड़ना पड़ा। सहित्य संस्कृति संकाय व दर्शन संकाय प्रतिनिधि पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। आधुनिक ज्ञान विज्ञान संकाय प्रतिनिधि के लिए एक भी छात्र ने नामांकन नहीं किया था।
प्रत्याशियों को मिले इतने वोट
अध्यक्ष
- कृष्णमोहन शुक्ल -442
- अजय दुबे-306
उपाध्यक्ष
- अजीत कुमार चौबे-411
- चंद्रमौलि तिवारी-343
महामंत्री
- शिवम चौबे-485
- गौरीशंकर गंगेले-266
पुस्तकालय मंत्री
- आशुतोष कुमार मिश्र-415
- विवेकानंद पांडेय-338
- वेदवेदांग संकाय
- राघवेंद्र मिश्रा-185
- पंकज द्विवेदी-183
- कुश तिवारी-163
- शानू कुमार 130
- सत्याजीत तिवारी-123
- श्रीश कुमार-115
साहित्य संस्कृति संकाय
- अनुराग शर्मा-निर्विरोध
- बृजेश कुमार दूबे-निर्विरोध
श्रमण विद्या संकाय
- प्रियांशु कुमार पांडेय-48
- उज्जवल-21
दर्शन संकाय
- शिव ओम शर्मा- निर्विरोध
एबीवीपी को करारा झटका, नहीं खुल सका खाता
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव ने एबीवीपी की सारी रणनीति को फेल कर दिया। काशी विद्यापीठ के बाद संपूर्णानंद में भी एबीवीपी का खाता तक नहीं खुल सका। छात्रों ने एबीवीपी को सिरे से नकारते हुए एनएसयूआई पर अपना भरोसा जताया।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव में जीत के लिए एबीवीपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। यही नहीं विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी के अलावा कई बड़े भाजपा नेता भी प्रत्याशियों को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार पहुंच रहे थे।
बावजूद इसके छात्रों ने एनएसयूआई के पैनल पर अपना भरोसा दिखाया। वहीं काशी विद्यापीठ में भी एबीवीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। यूपी कांग्रेस के नेताओं ने भी ठीक पंचायत चुनाव से पहले मिली इस जीत को अहम बताते हुए विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी है।
पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई की जीत युवाओं के बदलते नजरिए का संकेत है। एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव अविनाश यादव ने कहा कि छात्रों ने मुद्दा मूलक राजनीति को चुना और बरगलाने वालों को नकार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सूबे के युवाओं ने नफरत की राजनीति को नकार दिया है। उनके मुद्दों पर बात करने वाली एनएसयूआई को चुना है। यह सूबे में नई राजनीति की शुरूआत है।