संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय: आवास विकास को दे दिया गया जल निगम का काम, MLC ने सीएम को भेजा शिकायती पत्र
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कार्यदायी संस्था द्वारा ड्रेनेज और सीवर का काम आवास विकास को दे दिया गया। मामले में गड़बड़ी पर एमएलसी ने आपत्ति जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में पेयजल पाइपलाइन, पंप हाउस तथा नई सीवर लाइन बिछाने के लिए कार्यदायी संस्था के आवंटन में गड़बड़ी सामने आई है। विश्वविद्यालय में होने वाला काम जल निगम की बजाय आवास विकास परिषद को दे दिया गया है। शासन की ओर से निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में 430.87 लाख रुपये जारी करने की स्वीकृति भी हो गई है। इस मामले में सपा एमएलसी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले में साठगांठ और मिलीभगत का आरोप लगाया है।
विश्वविद्यालय परिसर में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन वितरण प्रणाली, पंपहाउस तथा नई सीवर लाइन एवं ड्रेनेज चैंबर के निर्माण के लिए 861.78 लाख का बजट तैयार किया गया है। इसमें पहली किस्त को स्वीकृति भी मिल चुकी है। सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
प्रदेश में पेयजल एवं सीवरेज का कार्य जल निगम से कराने का शासनादेश जारी किया गया है, लेकिन साठगांठ एवं मिलीभगत कर उक्त कार्य आवास विकास परिषद को आवंटित किया गया है।
आवास विकास के पास काम कराने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि विश्वविद्यालय में पेयजल एवं सीवरेज का कार्य विशेषज्ञ संस्था जल निगम से कराने का आदेश संबंधित को देने की कृपा करें।
31 जुलाई को जारी आदेश में है तकनीकी योग्यता जांचने की शर्त
विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने 31 जुलाई को पत्र भेजकर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव व वित्त अधिकारी को पत्र भेजकर पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन, सीवरेज एवं पंपहाउस व ड्रेनेज चैंबर के निर्माण के लिए प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति की जानकारी दी है। उन्होंने पत्र में 21 नियत, शर्त और प्रतिबंधों के आधार पर कार्य कराने का निर्देश दिया है। इसमें दूसरी शर्त में यह उल्लेख किया गया है कि वाटर सप्लाई एवं सीवरेज संबंधी कार्य सामान्यत: जल निगम द्वारा कराए जाते हैं। इसलिए यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि इस कार्य के लिए नामित कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद के पास सक्षम तकनीकी मैन पावर उपलब्ध हो।
क्या बोले अधिकारी
विश्वविद्यालय में सीवरेज, पाइपलाइन और पंपहाउस का कार्य कराया जाना है। अभी मेरे संज्ञान में नहीं है कि कार्य किस संस्था को आवंटित किया गया है। विश्वविद्यालय में जो भी कार्य हो वह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। -प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलपति