Varanasi: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का 40वां दीक्षांत समारोह, 31 मेधावियों को मिले 60 मेडल
वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 40वें दीक्षांत समारोह में नव्य व्याकरण से आचार्य करने वाले छात्र अभिषेक शुक्ला को सर्वाधिक नौ मेडल मिले।
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वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 40वें दीक्षांत समारोह में नव्य व्याकरण से आचार्य करने वाले छात्र अभिषेक शुक्ला को सर्वाधिक नौ मेडल मिले। कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने छात्र को आठ स्वर्ण और एक रजत पदक प्रदान किया। वहीं सामवेद के छात्र शाश्वत निर्भय को चार स्वर्ण पदक प्रदान दिया। दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति ने 31 मेधावियों को 60 मेडल प्रदान किए गए।
शनिवार को शिष्ट यात्रा कुलसचिव केशलाल के नेतृत्व में मुख्य भवन के सभागार में पहुंची। कुलाधिपति और मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने दीप जलाने के बाद जल भरो के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने कुलाधिपति और मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
17 विभागों के शोध विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि
इसके बाद प्रकाशन संस्थान से प्रकाशित तीन ग्रंथों पिंगलच्छन्दसूत्रम, श्री कार्षिणगुरुशतकम, कथापंचदशी का लोकार्पण किया गया। ग्रंथों के मुख्य संपादक कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी हैं। विश्वविद्यालय की ओर से मुख्य अतिथि को वाचस्पति की मानद उपाधि भी प्रदान की गई। 17 विभागों के शोध विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इसके बाद कुलाधिपति ने मेधावियों को मेडल प्रदान किया।
- सर्वाधिक 09 मेडल नव्य व्याकरण में अभिषेक शुक्ल
- चार पदक - सामवेद में शाश्वत निर्भय
- तीन पदक - धर्मशास्त्र में शिवशंकर उपाध्याय, साहित्य में शिवम शुक्ल, साहित्य में स्मिता, दर्शन में राम प्रवेश त्रिपाठी, रामानुज वेदांत में ज्ञानेंद्र कुमार मिश्र व आराधना पांडेय
- दो पदक - वेदांत में जाधव राम भाउ लिंबाजी, वेदांत में अरुण कुमार महतो, जैनदर्शन में मंयक जैन, शास्त्री साहित्य में हर्षिता शुक्ला, आयुर्वेद में ज्योति सिंह, फलित ज्योतिष में संतोष न्योपाने,
- एक पदक - शुक्ल यजुर्वेद में रंजीत कुमार, अथर्ववेद में पंकज भोय, रामानंद वेदांत में राहुल कुमार तिवारी, पुराणेतिहास में सिद्धराज उपाध्याय, प्राचीन राजशास्त्र-अर्थशास्त्र में राहुल शुक्ला, नव्य व्याकरण में कृष्ण शरण भूर्तेल, सांख्ययोग तंत्रागम में विनोद कुमार त्रिपाठी, बौद्ध दर्शन में रविशंकर पांडेय, प्राकृत एवं जैनागम में अर्चना उपाध्याय, संस्कृत विद्या में अभय तिवारी, भाषा विज्ञान में प्रिंस कुमार यादव, शिक्षाशास्त्र में देवेश कुमार दुबे, वैष्णवी, विज्ञान में वरूण शर्मा, साहित्य में आदर्श पांडेय।