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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय: जानकारी देने में लापरवाही... 564 कॉलेजों में 250 ने नहीं भेजी रिपोर्ट

Wed, 17 Apr 2024 11:56 AM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 17 Apr 2024 11:56 AM IST
सार

Sampurnanand Sanskrit University: विश्वविद्यालय की ओर से कालेजों को चेतावनी दी गई है। डीसीएफ (डाटा कैप्चर फार्मेट), टीआईएफ (टीचर इनफार्मेशन फार्मेट) का डाटा मांगा गया है। इसके लिए 14 अप्रैल तक का समय दिया गया था।

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Sampurnanand Sanskrit University 250 out of 564 colleges did not send report
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज जानकारी देने से कतरा रहे हैं। 564 कॉलेजों में अभी तक 250 कालेजों ने रिपोर्ट नहीं दी है। इसे लेकर विश्वविद्यालय की ओर से कालेजों को चेतावनी दी गई है। किस-किस विषय की पढ़ाई हो रही है, कितने शिक्षक और छात्र हैं, शिक्षकों की योग्यता और संसाधन आदि के बारे में कालेजों से जानकारी मांगी गई थी।

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संस्कृत विश्वविद्यालय से देश के 564 कॉलेज संबद्ध हैं। उच्चत्तर शिक्षा विभाग की ओर से विश्वविद्यालयों और उससे संबद्ध कॉलेजों से जुड़े डेटा को एकत्र करने के उद्देश्य से डीसीएफ (डाटा कैप्चर फार्मेट), टीआईएफ (टीचर इनफार्मेशन फार्मेट) का डाटा मांगा गया है। इसके लिए 14 अप्रैल तक का समय दिया गया था।
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अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण के राज्य नोडल अधिकारी संजय कुमार दिवाकर की ओर से जब इस बारे में विश्वविद्यालय से जानकारी मांगी गई तो पता चला कि तिथि बीतने के बाद भी 250 से अधिक कॉलेजों की ओर से जानकारी नहीं दी गई है।
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शिक्षकों की नियुक्ति, छात्र संख्या की आती हैं अधिक शिकायतें
संस्कृत विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत भी आती है। पिछले दिनों एक शिक्षक की नियुक्ति में शिकायत हुई तो विश्वविद्यालय ने कैमरे की रिकार्डिंग में प्रकिया पूरी करवाने को कहा। इसके अलावा कुछ विषयों में छात्र संख्या के हिसाब से शिक्षकों की कमी की आदि मामले आते हैं।


बोले अधिकारी
शुरुआत में केवल 150 कॉलेजों ने ही जानकारी दी थी। 14 अप्रैल को तिथि बीत जाने के बाद कॉलेजों से संपर्क किया गया तो करीब 300 कालेजों ने रिपोर्ट दी। अभी भी 250 से अधिक कॉलेजों ने जानकारी नहीं दी है। समय से जानकारी न देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राकेश कुमार, कुलसचिव

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