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सामनेघाट पुल लोड टेस्टिंग में पास, अब बस लोकार्पण का इंतजार

Thu, 07 Sep 2017 10:10 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 07 Sep 2017 10:10 PM IST
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samne ghat bridge pass in load testing
2007 से बन रहा था पुल, 10 साल में हुआ बनकर तैयार - फोटो : अमर उजाला
रामनगर-सामनेघाट गंगा पर बन रहे पक्के पुल का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही गुरुवार को लोड टेस्टिंग का काम भी पूरा कर लिया गया। टेस्टिंग में पास अब पुल को लोकार्पण का इंतजार है।
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लोकार्पण होते ही पुल आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। बुधवार की दोपहर अधिकारियों के मौजूदगी में उसके  लोड टेस्टिंग शुरू हुई जो गुरुवार की शाम तक पूरा कर लिया गया। 
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गुरुवार को भी आठ डम्परों पर 30-30 टन का भार देकर वाहनों को पुल से गुजारा गया। बीएचयू सिविल इंजिनियरिंग विभाग के प्रोफेसर बी कुमार के निर्देशन मे लोड टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया। परियोजना प्रबंधक आरयू खान ने बताया कि लोड टेस्टिंग पूरी कर ली गई।
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अब प्रशासन स्तर से तय होना है कि इसका लोकार्पण कब होगा। वहीं हालांकि पुल पर दो पहिया और साइकल सवार आजा रहे हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2007 में इसका निर्माण शुरू हुआ था जिसे पूरा होने में 10 साल लग गए।

पुल पर आवागमन चालू होने से बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से बीएचयू इलाज कराने वालों को भी आसानी होगी। रामनगर की रामलीला देखने वाले लीला प्रेमियों को भी अब राजघाट पुल और रामनगर बाईपास के रास्ते घूमकर नहीं आना जाना पड़ेगा।

कहीं हादसों का सबब न बन जाए सामने घाट पुल

samne ghat bridge pass in load testing
न पटरी न एप्रोच मार्ग, हादसों की आशंका अलग से - फोटो : अमर उजाला
सामनेघाट - रामनगर  के  बीच  नवनिर्मित मिनी पक्का पुल गुरुवार की शाम लोडिंग टेस्ट में तो पास हो गया लेकिन संपर्क मार्ग को लेकर दुश्वारियां पैदा हो गई हैं। पुल को शास्त्री चौक से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग मानक के अनुसार न बन पाने से हादसों का खतरा बन गया है।

पुल पर पैदल चलने के लिए पटरी भी नहीं बन सकी है। लोकार्पण के बाद आवागम चालू हो जाएगा लेकिन शास्त्री चौक के पास ढहाए गए भवन के मलबे का ढेर नहीं हटाया जा सका।

आखिरी छोर पर पुल का संपर्क मार्ग संकरा और घुमावदार होने से लोग चिंतित हैं। कहा जा रहा है कि पुल बनने की जितनी खुशी है, उतनी ही खामियों को लेकर चिंता भी पैदा हो गई है।

उधर, सेतु निगम के अभियंताओं ने एप्रोच मार्ग की खामियों से हाथ खींच लिया है। उनका कहना है कि वह काम पीडब्ल्यूडी को करना है। एप्रोच मार्ग की कमियों से उनका कोई लेना देना नहीं है। 

सामने घाट पुल के एप्रोच मार्ग निर्माण में आखिरी छोर पर स्थित विवादित मकान आड़े आ गया है। इस विवाद को अभी तक सुलझाया नहीं जा सका है
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