वाराणसी: किसानों के समर्थन में विपक्षी पार्टियों का प्रदर्शन, कई बड़े नेता नजरबंद, घर के बाहर पुलिस बल तैनात
कृषि कानून के खिलाफ किसानों के आंदोलन के समर्थन में सड़क पर विपक्षी पार्टियों ने धरना प्रदर्शन किया। सपा, कांग्रेस, अपना दल, आम आदमी पार्टी, सुभासपा सहित किसान संगठनों ने विरोध दर्ज कराया। विपक्ष के नेताओं को नजरबंद किया गया है।
प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। बसपा, सुभासपा, अपना दल, भाकपा, माकपा, बुनकर मोर्चा, किसान पंचायत सहित कई संगठनों ने अपने अपने तरीके से विरोध दर्ज कराया।
उत्तर प्रदेश किसान सभा का शास्त्री घाट पर प्रदर्शन।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को किसानों के समर्थन में जिला मुख्यालय पर धरना दिया। जिलाध्यक्ष सुजीत यादव उर्फ लक्कड़ पहलवान के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सुबह 11 बजे से धरना शुरू किया। चारों तरफ पुलिस की नाकाबंदी थी। आधे घंटे के भीतर ही उन्होंने एसीएम चतुर्थ को ज्ञापन सौंपा।
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी की नींव किसान,गांव, गरीब,खेत, खलिहान हैं। गांधी, लोहिया ने जो सपना किसानों के लिए देखा था उस दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुलायम सिंह यादव चुंगी प्रथा को समाप्त कर दिया था। वर्तमान भाजपा सरकार नई कृषि कानून लाकर किसानों को अपने ही जमीन पर गुलाम बनाने का षडयंत्र कर रही है।
सपा नेता शालिनी यादव ने कहा कि सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। मुख्यालय पर सपा के प्रदेश सचिव राजू यादव ने रोटी पर किसान बिल वापस लो लिखा और गन्ना लेकर विरोध जताया। उनका कहना है कि जो रोटी जनता खाती है। उसे किसान पैदा करता है। उस रोटी की खातिर सरकार से कृषि कानून वापस लेने की मांग की गई।