बीएचयू के कोविड अस्पताल पर सपा एमएलसी ने उठाए सवाल, मुख्यमंत्री से की जांच की मांग की
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वाराणसी में सपा के विधान परिषद सदस्य शतरूद्र प्रकाश ने बीएचयू के कोविड सुपर स्पेशलियलिटी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। सरकार से मांग की कि नीति आयोग के सदस्य की अध्यक्षता में बनी इस संस्थान की गवर्निग बाडी को तत्काल मौका मुआयना के लिए भेजें। मृत मरीजों के इलाज चार्ट को देखते पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए। सवाल उठाया कि वरिष्ठ चिकित्सक कोविड मरीजों को देखने क्यों नहीं गए?
बनारस दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि बीएचयू में बन रहे अस्थाई डीआरडीए के अस्पताल के साथ-साथ बीएचयू के कोविड-19 सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की दुर्दशा देखें। अस्पताल के बदतर हालात से प्रधानमंत्री को अवगत कराने के साथ तत्काल पूर्णकालिक वाइस चांसलर की नियुक्ति कराएं।
सपा एमएलसी ने कहा कि बीएचयू गुटबाजी , लापरवाही , अव्यवस्था का शिकार है । सन 2018 में बीएचयू आईएमएस को एम्स का दर्जा दिया गया। मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए 2500 करोड़ रूपए की घोषणा के बाद भी अप्रशिक्षित स्टाफ काम कर रहा है । पूरा अस्पताल रेसिडेंट्स के भरोसे चल रहा है।
इस संस्थान की उच्च स्तरीय संचालन समिति ( गवानिंग बाडी ) में नीति आयोग के सदस्य, आईसीएमआर, एम्स नई दिल्ली , शिक्षा मंत्रालय , वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि हैं। बावजूद इसके प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष आदि संस्थान के अपताल मे विजिट नहीं करते हैं। जिसके चलते लापरवाही से अनेक कोविड मरीजों की देखभाल नहीं हो पा रही है। आरोप लगाया कि बीएचयू में व्यापक भ्रष्टाचार और अव्यवस्था है। स्टाफ के लिए 1000 करोड़ रूपया खर्च करने की जानकारी है। पिछले साल कोविड इलाज के लिए खरीदे गए अनेक वेंटिलेटर , कई उपकरण उपयोग में नही हैं।