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15 माह से सलाखों के पीछे बेगुनाह

Wed, 04 Nov 2020 01:44 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 01:44 AM IST
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salakho
वाराणसी। पुलिस अपनी अजब-गजब करतूतों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहती है। ताजातरीन मामला फूलपुर क्षेत्र निवासी एक युवती के अपहरण से जुड़ा है। अपहृत युवती शादी करके पति के साथ रह रही है और भोजपुरी सिनेमा/संगीत कार्यक्रम के साथ ही सोशल मीडिया में भी सक्रिय रहती है। वहीं, उसके अपहरण के आरोप में उसका एक दोस्त 15 महीने से जिला जेल में बंद है। एसएसपी ने सीओ पिंडरा से हाल ही में तफ्तीश कराई तो प्रकरण की गुत्थी सुलझी। अब पुलिस युवक को रिहा कराने के प्रयास में जुटी है। वहीं, इस प्रकरण में जांच के नाम पर कागजी खानापूर्ति करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ जल्द ही विभागीय कार्रवाई की तैयारी है।
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फूलपुर थाना अंतर्गत भवानीपुर ताड़ी गांव की एक युवती बीते साल अगस्त महीने में घर से निकली तो वापस नहीं लौटी। युवती के पिता की तहरीर पर 22 अगस्त 2019 को फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। युवती के पिता का आरोप था कि उनकी बेटी पहले भी बराई गांव निवासी सौरभ दूबे के साथ सारनाथ क्षेत्र में देखी गई थी और एक बार उसके मामा के घर भी गई थी। इस वजह से उन्हें शंका है कि सौरभ ही उनकी बेटी का अपहरण किया है और इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने 24 अगस्त 2019 को सौरभ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने युवती को बरामद करने का प्रयास ही नहीं किया और सौरभ तब से अब तक जिला जेल में ही है। बीते महीने हाईकोर्ट की सख्ती के बाद एसएसपी अमित पाठक के निर्देश पर सीओ पिंडरा अभिषेक कुमार पांडेय ने तफ्तीश शुरू की तो पता लगा कि युवती शहर में ही रह रही है। 23 अक्तूबर को युवती को पांडेयपुर क्षेत्र से बरामद किया गया तो उसने बताया कि वह शादी करके पति के साथ रह रही है। इसके बाद 15 माह पहले गायब हुई युवती के प्रकरण का पटाक्षेप हुआ।
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इंसेट:
हाईकोर्ट ने एसएसपी को किया तलब तो सुलझी गुत्थी
सौरभ दूबे के साथ उसके मामा सुधीर पाठक को भी युवती के पिता ने मुकदमे में आरोपी बनाया था। इसे लेकर सुधीर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इस पर हाईकोर्ट ने एसएसपी अमित पाठक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया तो उन्होंने सीओ पिंडरा अभिषेक कुमार पांडेय को प्रकरण की जांच नए सिरे से करने के लिए कहा। सीओ पिंडरा ने जांच शुरू की तो युवती की पांडेयपुर क्षेत्र स्थित एक शोरूम की फोटो मिली। इसी बीच युवती के टिक-टॉक सहित सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर वीडियो मिले तो उनकी तस्दीक कराई गई। अंतत: अपने पति के साथ रह रही युवती पांडेयपुर क्षेत्र से बरामद कर ली गई।
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इंसेट:
नहीं पता था कि मेरा दोस्त मेरी वजह से जेल में है
युवती ने पुलिस को बताया कि वह पिता की सख्ती से आजिज आकर एक दिन दीवार फांद कर घर से निकल गई थी। घर से निकलने के बाद उसे वाराणसी में एक महिला मिली तो कुछ दिन वह एक शोरूम में काम की। इसी बीच वह भोजपुरी सिनेमा और स्टेज शो से जुड़े लोगों के संपर्क में आ गई। इसी दौरान उसने एक युवक से शादी कर ली। वह टिक-टॉक आदि पर सक्रिय रह कर यह हमेशा बताती रही कि वह महाराष्ट्र की रहने वाली है और उसका चेहरा कई लोगों से मिलता-जुलता है। वहीं, खुद के अपहरण के आरोप में जेल में दोस्त के निरुद्ध होने की बात पर युवती ने कहा कि उसे नहीं पता था कि उसकी वजह से सौरभ जेल में है। यह गलत हुआ है, सौरभ को तत्काल रिहा किया जाए।

जेल में बंद युवक की रिहाई के लिए विधिक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। मुकदमे की विवेचना में जिन भी पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती है, वह सभी विभागीय कार्रवाई की जद में आएंगे। - अमित पाठक, एसएसपी
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