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महाराष्ट्र के पालघर में साधुओं की हत्या मामले में चुप नहीं बैठेंगे जूना अखाड़े के संत, लॉकडाउन के बाद महाराष्ट्र के सीएम का करेगें घेराव
Mon, 20 Apr 2020 12:13 AM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Mon, 20 Apr 2020 12:13 AM IST
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जूना अखाड़ा
- फोटो : अमर उजाला
महाराष्ट्र के पालघर जिले के एक गांव में जूना अखाड़े के दो साधुओं समेत तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या के मामले में अखाड़ा परिषद में आक्रोश है। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष महंत प्रेम गिरि ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार का घेराव करने का ऐलान किया है। रविवार को बातचीत के दौरान महंत प्रेम गिरि ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में लाठी-डंडे से पीटकर संतों की हत्या निंदनीय है।
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इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। हमनें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, सीएम और महाराष्ट्र के सीएम को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। जूना अखाड़ा के अध्यक्ष ने चेताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में साधु-संत महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे का घेराव करेंगे और इस मामले में कार्रवाई के लिए दबाव भी बनाएंगे।
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बताया कि जूना अखाड़े के दोनों साधु एक ब्रह्मलीन संत की समाधि कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे। लेकिन, रास्ते में समुदाय विशेष के लोगों ने उनको घेर लिया और लाठी-डंडे से पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी व अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी महाराज ने कहा कि जूना अखाड़े के दो संतों और उनके ड्राइवर की पुलिस की मौजूदगी में पीटकर हत्या किए जाने की घटना से संत समाज आक्रोशित है।
हम केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई हो। अगर ऐसा नहीं होता है तो अखाड़ा परिषद खुद कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होगा। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे हिंदूवादी हैं और उनके राज्य में निरपराध संतों की हत्या की घटना से मन दुखी है।