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संतों की नाराजगी दूर करने आए भागवत
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 08 Oct 2015 02:30 AM IST
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पुलिस लाठीचार्ज से उद्वेलित साधु-संतों को मनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत बुधवार देर शाम काशी पहुंचे। भागवत गुरुवार की दोपहर निवेदिता शिक्षा सदन में स्थानीय प्रचारकों और भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात का मकसद विसर्जन विवाद को लेकर अशांत काशी की नब्ज टटोलना है। अपने एक दिवसीय प्रवास में संघ परिवार के मुखिया कुछ संतों से मुलाकात भी करेंगे। ये मुलाकात कब और कहां होगी, इसे गोपनीय रखा गया है।
देर शाम महमूरगंज स्थित संघ कार्यालय पहुंचे भागवत ने आते ही क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण और प्रांत प्रचारक अभय कुमार के बैठक की। प्रचारकों से पूछा कि विसर्जन विवाद को लेकर चले आंदोलन में भाजपा की क्या भूमिका रही और कांग्रेस ने इस आंदोलन को कैसे भाजपा के हाथ से छिन लिया। उन्होंने शहर के हालात के बारे में भी मंत्रणा की और पूछा कि गंगा में विसर्जन के सवाल पर काशी की आम जनता की राय क्या है। साधु-संतों पर हुए लाठीचार्ज की घटना पर चिंता जाहिर की। साफ कहा कि केंद्र में हिंदूवादी सरकार के रहते संतों पर अत्याचार का गलत संदेश जाएगा। ऐसी घटनाओं का प्रतिकार होना चाहिए।
विसर्जन विवाद में कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधे जाने पर संघ प्रमुख ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। गंगा में विसर्जन से जुड़े मसले पर भाजपा का रुख स्पष्ट न होने को उन्होंने संगठन की चूक माना है। शाम को दिल्ली से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर पत्रकारों ने भागवत को घेरा और सवालों की झड़ी लगा दी मगर वे ‘नो क्वेश्चन’ कहकर आगे बढ़ गए। संघ सूत्रों के मुताबिक अपने काशी प्रवास के दौरान भागवत गुरुवार की शाम रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला देखने भी जाएंगे। काशी नरेश परिवार की ओर से उन्हें रामलीला का आमंत्रण भेजा गया था, जिसे स्वीकार करने के साथ ही उन्होंने लीला देखने आने का वादा किया था। उसी वादे को पूरा करने गुुरुवार को भागवत रामनगर जा रहे हैं। वहां से वह गोरखपुर रवाना हो जाएंगे। जहां संघ की बड़ी बैठक होनी है।
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देर शाम महमूरगंज स्थित संघ कार्यालय पहुंचे भागवत ने आते ही क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण और प्रांत प्रचारक अभय कुमार के बैठक की। प्रचारकों से पूछा कि विसर्जन विवाद को लेकर चले आंदोलन में भाजपा की क्या भूमिका रही और कांग्रेस ने इस आंदोलन को कैसे भाजपा के हाथ से छिन लिया। उन्होंने शहर के हालात के बारे में भी मंत्रणा की और पूछा कि गंगा में विसर्जन के सवाल पर काशी की आम जनता की राय क्या है। साधु-संतों पर हुए लाठीचार्ज की घटना पर चिंता जाहिर की। साफ कहा कि केंद्र में हिंदूवादी सरकार के रहते संतों पर अत्याचार का गलत संदेश जाएगा। ऐसी घटनाओं का प्रतिकार होना चाहिए।
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विसर्जन विवाद में कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधे जाने पर संघ प्रमुख ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। गंगा में विसर्जन से जुड़े मसले पर भाजपा का रुख स्पष्ट न होने को उन्होंने संगठन की चूक माना है। शाम को दिल्ली से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर पत्रकारों ने भागवत को घेरा और सवालों की झड़ी लगा दी मगर वे ‘नो क्वेश्चन’ कहकर आगे बढ़ गए। संघ सूत्रों के मुताबिक अपने काशी प्रवास के दौरान भागवत गुरुवार की शाम रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला देखने भी जाएंगे। काशी नरेश परिवार की ओर से उन्हें रामलीला का आमंत्रण भेजा गया था, जिसे स्वीकार करने के साथ ही उन्होंने लीला देखने आने का वादा किया था। उसी वादे को पूरा करने गुुरुवार को भागवत रामनगर जा रहे हैं। वहां से वह गोरखपुर रवाना हो जाएंगे। जहां संघ की बड़ी बैठक होनी है।
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